
चंबा। जिला के लोगों को उत्पादी बंदरों से जल्द निजात मिलने की उम्मीद जगी है। जिला मुख्यालय के साथ लगते सरोल में बंदर नसबंदी केंद्र बनकर तैयार हो गया है। इसके अलावा नसबंदी केंद्र में स्टाफ की तैनाती कर दी गई है। केंद्र का लोकार्पण तीन अगस्त को वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी करेंगे।
जानकारी के मुताबिक बंदर नसबंदी केंद्र का निर्माण लगभग 75 लाख रुपये की लागत से किया गया है। इस केंद्र में हाल ही में एक चिकित्सक, एक फार्मासिस्ट और अन्य एनीमल अटेंडेंट की नियुक्ति कर दी गई है। तीन अगस्त को इस नसबंदी केंद्र को जनता के हवाले कर दिया जाएगा। इससे जिला के लोगों को उत्पाती बंदरों से निजात मिलेगी। उल्लेखनीय है कि इस नसबंदी केंद्र का काम लंबे अरसे से लटका हुआ था। इस कारण जिला में बंदर पकड़ने की मुहिम धीमी पड़ गई थी। इक्का-दुक्का बंदरों को पकड़ा भी जाता था तो नसबंदी के लिए गोपालपुर भेजा जाता था। इस कारण विभाग के कर्मचारियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। इस संबंध में वन्य प्राणी विभाग के डीएफओ राकेश कुमार ने बताया कि बंदर नसबंदी केंद्र का भवन बनकर पूरी तरह तैयार हो चुका है। इसके अलावा केंद्र में स्टाफ की नियुक्ति हो चुकी है। उन्होंने कहा कि तीन अगस्त को 11 बजे के करीब नसबंदी केंद्र का लोकार्पण कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि नसबंदी केंद्र शुरू होने से अब बंदरों की नसबंदी जिला में ही हो जाएगी। इसके बाद विभाग की ओर से बंदर पकड़ने की मुहिम को तेज किया जाएगा। इससे लोगों को उत्पाती बंदरों से निजात मिल जाएगी।
