पीएचसी में एंटी स्नेक वेनम खत्म

धर्मशाला। बरसात का मौसम लोगाें के लिए आफत से कम नहीं है। जहां एक ओर बारिश के कारण जीवन अस्तव्यस्त है। वहीं, इन दिनों सांप के काटने से लोग अस्पताल में उपचार करवाने पहुंच रहे हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या के चलते अब अस्पतालाें में एंटी स्नेक वेनम खत्म होने के कगार पर है, तो वहीं पीएचसी स्तर के अस्पतालों में यह दवाई मिल ही नहीं रही है। इससे मरीजों को उपचार करवाने में दिक्कतें पेश आ रही हैं।
जिला में अभी तक सर्पदंश के 260 के करीब मरीजों का उपचार किया जा चुका है। वहीं, हर दूसरे-तीसरे दिन मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या के चलते अब स्वास्थ्य विभाग ने वेनम की डिमांड निजी दवा कंपनी को दी है। कंपनी से जल्द ही दवाइयाें की खेप पहुंचने की संभावना है। सांप के काटने के कारण लोग अस्पताल में उपचार करवाने पहुंच रहे हैं। वहीं, सांप के काटने के बाद 108 एंबुलेंस में मरीजाें का इलाज किया जा रहा है। अभी तक एक हजार के करीब मरीजाें का इलाज किया गया है। एंटी स्नेक वेनम सीएचसी स्तर के अस्पतालों में ही उपलब्ध है। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार पीएचसी स्तर के अस्पतालों में एंटी स्नेक वेनम खत्म हो गई है। ऐसे में मरीजों को महंगे दामों बाजार से ही दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं। अब स्वास्थ्य विभाग ने वेनम की डिमांड एक कंपनी को दी है। कंपनी से आने के बाद ही दवाइयां अस्पतालाें को मुहैया करवाई जाएंगी।
उधर, सीएमओ डा. ध्रुव एस गुरुंग ने कहा कि एंटी स्नेक वेनम कई अस्पतालाें में उपलब्ध करवा दी है। जहां उपलब्ध नहीं है, वहां जल्द ही भेजी जाएगी। बरसात के मौसम में सांप के काटने के मामले ज्यादा आते हैं।

वेनम करता है सांप के जहर को खत्म
सीएमओ डा. ध्रुव एस. गुरुंग ने कहा कि एंटी स्नेक वेनम सांप के जहर को मरीज के शरीर से खत्म करता है। सांप के काटने के बाद चिकित्सक शरीर में जहर के हिसाब से इंजेक्शन देता है। कई बार सांप ने मरीज को काटा होता है, मगर शरीर के अंदर जहर प्रवेश नहीं कर पाता। ऐसी स्थिति में एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन लगाना मरीज के लिए घातक सिद्ध हो सकता है। यहां तक की मरीज की जान तक जा सकती है। वेनम मरीज के अंदर जहर की मात्रा को कम करके मरीज को विषमुक्त कर देता है।

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