
हल्द्वानी। तीन दिन से लापता सात वर्षीय बच्चे का शव शनिवार को कठघरिया स्थित साईं मंदिर के हौज से बरामद कर लिया गया। वह मंदिर परिसर से ही लापता हुआ था। शव कब्जे में लेकर पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है। घटना चौकी लामाचौड़ के नंदनपुर क्षेत्र की है।
नंदनपुर, कठघरिया स्थित साईं मंदिर के निर्माणाधीन हिस्से में काम कर रहे मजदूरों ने शनिवार शाम पानी निकालने के लिए हौज खोला। बदबू आने पर अन्य लोगों और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने हौज में देखा तो वहां किसी बच्चे का शव पड़ा मिला। शव को पानी से बाहर निकाला गया। उसकी शिनाख्त बृहस्पतिवार को लापता पंकज पांडे (7) पुत्र दिनेश पांडे निवासी नंदनपुर के रूप में हुई।
पंकज बृहस्पतिवार शाम पास स्थित साईं मंदिर गया था। काफी देर तक जब वह मंदिर से नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी तलाश की। मंदिर परिसर और आसपास काफी खोजा गया। पुलिस को भी सूचना दी गई। पुलिस ने भी बच्चे की खोजबीन की, मगर बच्चे का कहीं पता नहीं चला। अगले दिन पुलिस ने उसकी गुमशुदगी दर्ज की थी।
तो क्या पुलिस सुरागों पर तफ्तीश नहीं करती
हैरानी की बात है कि पंकज की चप्पलें मंदिर के बाहर ही मिली थी। यानी वह चप्पल उतारकर मंदिर के अंदर गया था। ऐसे में उसके खुद कहीं चले जाने की संभावना खत्म हो गई थी। उसके साथ अपहरण या अन्य किसी घटना की बात इसी सुराग से पुख्ता हो गई थी। बावजूद इसके पुलिस इसे सामान्य गुमशुदगी मानती रही। पुलिस तीन दिन तक हौज में उसका शव तक नहीं खोज पाती, अगर शनिवार को भी बदबू नहीं आती तो पुुलिस पंकज को यहां वहां खोजने का दावा करती रहती।
कहीं किसी ने फेंका तो नहीं!
घटना अभी पूरी तरह से साफ नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आनी बाकी है। मौत की वजह स्पष्ट होने पर ही कुछ कहा जा सकेगा, लेकिन प्रथमदृष्ट्या इसे हादसा तो माना जा रहा है, लेकिन हादसा कैसे हुआ ये कोई नहीं बता सकता। ऐसा भी हो सकता है कि किसी ने पंकज को हौज में धकेल दिया हो। ये भी जांच का विषय है। सीओ लोकजीत सिंह का कहना है कि घटना हादसा लग रही है, मगर फिर भी सारे पहलुओं की जांच होगी।
कई अनसुलझे सवाल
हौज का ढक्कन बंद क्यों नहीं किया गया था
अगर बंद था तो किसने और क्यों खोला
अगर बच्चे ने खोला तो इतनी भीड़ में किसी ने देखा क्यों नहीं
ढक्कन को ताला या कुंडा लगाकर क्यों बंद नहीं किया गया था
निर्माणाधीन हिस्से में क्यों आसानी से लोगों को आने दिया जाता है
पुलिस और अन्य लोगों ने हौज में उसी दिन क्यों नहीं खोजा
अगर खोजा तो शव तीन दिन बाद क्यों मिला
क्यों वहां डॉग स्क्वॉयड से जांच नहीं की गई
…तो श्रद्धालुओं की सुरक्षा का साईं के भरोसे
मंदिर में हर बृहस्पतिवार को सैकड़ों श्रद्धालु आते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में बच्चे होते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा के लिए कौन जिम्मेदार है। एक बच्चा इतनी भीड़ के बीच हौज में डूब जाता है और किसी को भनक तक नहीं लगती। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा तो साईं के भरोसे ही है।
बच्चा खुद ढक्कन खोलकर गिरा!
हैरानी की बात है कि मंदिर समिति से लेकर पुलिस तक हर कोई पंकज की मौत को उसकी अपनी लापरवाही बता रहा है। मंदिर समिति के विकास भगत का कहना है कि हौज का ढक्कन हमेशा बंद रहता है। बच्चे ने खुद ढक्कन खोला होगा और वह उसमें गिर गया होगा। यही बात शहर कोतवाल उत्तम सिंह जिमिवाल भी कह रहे हैं।
ठीक एक सप्ताह बाद दूसरे का शव मिला
हल्द्वानी में पिछले एक सप्ताह में लापता हुए तीन बच्चों में से दूसरे का शव भी शनिवार को बरामद कर लिया गया। पिछले रविवार को लापता बच्ची नौसेरा का शव बरामद हुआ था, उसकी हत्या की गई थी। पंकज की मौत संदेहास्पद है। हैरानी की बात है कि दोनों के शव उसी जगह से मिले जहां से वे लापता हुए थे। यानी जहां उन्हें आखिरी बार देखा गया था।
