
अल्मोड़ा। नंदादेवी मंदिर में नंदा राजजात के महाअनुष्ठान की पूजा 26 अगस्त से शुरू होगी। इस वर्ष नंदा राजजात को सादगी से मनाने का निर्णय लिया गया है। इस महाअनुष्ठान में धार्मिक नियमों और परंपराओं का पालन किया जाएगा।
नंदा राजजात समिति 2013 के अध्यक्ष शिरीष पांडे ने बताया कि मंदिर के मुख्य पुजारी लीलाधर जोशी ने विद्वानों से विचार-विमर्श के बाद पूजा का कार्यक्रम निर्धारित कर दिया गया है। मंदिर परिसर में 26 अगस्त से चार सितंबर तक धार्मिक अनुष्ठान होंगे। समिति के वित्त व्यवस्थापक मनोज वर्मा ने बताया कि चंद वंशीय राजा केसी सिंह बाबा 30 अगस्त को पूजा अनुष्ठान के लिए अल्मोड़ा आएंगे। तीन सितंबर को छंतोली को परंपरागत मार्गों से अल्मोड़ा नगर में भ्रमण करवाया जाएगा। चार सितंबर को प्रात: शोभायात्रा अपने प्रथम पड़ाव माला को प्रस्थान करेगी।
उन्होंने बताया कि 12 अप्रैल को पूजा अनुष्ठान के बाद इस धार्मिक यात्रा का ध्वज मंदिर में स्थापित किया गया था। मंदिर समिति ने कुमाऊं का प्रतिनिधित्व करने वाली मां नंदा की छंतोली गढ़वाल से परंपरागत तरीके से बनवाई है। चमोली जिले के राज रुड़ियालों द्वारा निगाल और रैणी की लकड़ी से ग्राम छिमता आदि बद्री में विधि विधान से इसका कलात्मक निर्माण कराया गया है। इसके मद्देनजर समिति के पूजा प्रभारी मुन्ना वर्मा और पप्पू चौहान को मंदिर कमेटी ने चमोली भेजा था।
