सर, बस में नहीं चढ़ने देता कंडक्टर

शिमला। सर, शिमला-हरिद्वार रूट पर चलने वाली बस का कंडक्टर हमें बस में नहीं चढ़ने देता। अगर बस में चढ़ जाएं तो दुर्व्यवहार किया जाता है। आरकेएमवी में पढ़ने वाली छात्रा दीपिका वर्मा ने बताया कि 19 जुलाई शुक्रवार को शाम साढ़े चार बजे वह कुछ अन्य छात्राओं के साथ टुटीकंडी बैरियर पर बस के इंतजार में खड़ी थीं। सभी छात्राओं को वाकनाघाट जाना था। उन्होंने बताया कि आईएसबीटी से साढ़े चार बजे के करीब हरिद्वार जा रही बस बैरियर पर पहुंची। दीपिका ने बताया कि अन्य छात्राओं के साथ वो भी बस में चढ़ गईं लेकिन कंडक्टर ने उनके साथ दुर्व्यवहार कर बस से उतार दिया। साढ़े पांच बजे उन्हें वाकनाघाट से अपने गांव के लिए बस पकड़नी पड़ती है इसलिए लांग रूट की बस में सफर करना उनकी मजबूरी थी। शिमला से वाकनाघाट जाने वाली आरकेएमवी की छात्राओं प्रीति शर्मा, ज्योति शर्मा, नेहा ठाकुर, सपना शर्मा, किरण शर्मा, प्रीति ठाकुर, ऊषा ठाकुर और ममता का कहना है कि एचआरटीसी को एडवांस पैसे देकर बस पास बनाए हैं। ऐसे में एचआरटीसी का भी फर्ज बनता है कि बस सुविधा मुहैया करवाए।

मामले की जांच होगी
छात्राओं की ओर से कंडक्टर द्वारा दुर्व्यवहार की शिकायत मिली है। मामले की पूरी जांच करने के निर्देश दिए जाएंगे। बस स्टाफ यदि दोषी पाया जाएगा तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।
– आरएन बत्ता
प्रबंध निदेशक, एचआरटीसी

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