मलबे में धंसी बस, 40 यात्री बाल-बाल बचे

जोगिंद्रनगर/पधर/पंडोह (मंडी)। शुक्रवार रात को भारी बारिश के कारण गुम्मा खानी नाला का जल स्तर बढ़ जाने से राष्ट्रीय उच्च मार्ग पठानकोट-मंडी सुबह तीन बजे से बंद हो गया। सड़क में अचानक भारी भरकम मलबा और पत्थर आने से सवारियों से भरी निगम की शिमला से पालमपुर जा रही बस भी मलबे में फंस गई। बस चालक राज कुमार की मुस्तैदी से यात्रियों को बस से बाहर निकाल कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
चालक राज कुमार के अनुसार बस की आगे की खिड़की भी मलबे में दब गई। ऐसे में 40 सवारियों को इमरजेंसी डोर से बाहर निकाला गया। मार्ग बंद होने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। सैकड़ों यात्री भूखे प्यासे जाम में फंसे रहे। लोक निर्माण विभाग ने सुबह साढ़े सात बजे बंद मार्ग को वैकल्पिक तौर पर बहाल कर यातायात आवाजाही बहाल करवाई। मलबे में फंसी बस को छह घंटे बाद निकाला गया। राष्ट्रीय उच्च मार्ग के लोक निर्माण विभाग एसडीओ केके ठाकुर ने बताया किभारी बारिश के कारण खानी नाला का जलस्तर बढ़ जाने से एनएच रात्रि लगभग तीन बजे बंद हो गया। इधर, जोगिंद्रनगर-सरकाघाट मार्ग भी भारी बारिश के चलते अवरुद्ध हो गया है। जोगिंद्रनगर से सरकारघाट जाने वाले यात्री मजबूरन लडभड़ोल या फिर मंडी होकर अपने गंतव्य तक पहुंचे। कोटरोपी-चुक्कू संपर्क मार्ग के बंद हो जाने से निगम की बस भी फंस गई है। पधर-नौहली-दमेला-जोगिंद्रनगर मार्ग भी जगह जगह पर भूस्खलन से बंद हो गया है। पाली-शिलग-बड़ागांव में बड़ागांव स्कूल के पास भी भारी भरकम चट्टानें गिरने से मार्ग को खासा नुकसान हुआ है। घटासणी-बरोट मार्ग में भारी भूस्खलन से बंद है। पधर-बल्ह-घोघरधार मार्ग में भूस्खलन से मार्ग कई जगह बंद रहा।
उधर मंडी-मनाली नेशनल हाईवे भी शनिवार सुबह हनोणी के पास ल्हासे गिरने से करीब एक घंटे बंद रहा। विभाग ने युद्ध स्तर पर काम शुरू कर एनएच को बहाल कर दिया है।

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