नवजात को दूध पिलाया, पुलिस ने थाने पहुंचाया

शिमला। बच्चा उठाने वाले कथित गिरोह की अफवाह से शहर के लोग नहीं उभर पा रहे हैं। इस वजह से एक सीधी सादी गर्भवती ग्रामीण महिला को थाने जाना पड़ा। कई घंटों तक पुलिस के सवालों का जवाब देना पड़ा उसके बाद जाकर वह थाने से छूट पाई। महिला की गलती सिर्फ इतनी थी कि उसने मानव धर्म निभाते हुए एक मजबूर प्रसूता महिला के एक नवजात को अपना दूध पिलाया। लोगों ने उसे बच्चा उठाने वाले गिरोह की सदस्य करार देते हुए पुलिस के हवाले कर दिया।
मामला कमला नेहरू अस्पताल का है। पैंतीस साल की महिला कुल्लू के आनी की रहने वाली है। इसकी बहन इस अस्पताल में दाखिल थी। सामान अधिक होने के कारण महिला ने कंबल इत्यादि अस्पताल के नजदीक एक दुकान में रखा था। यह खुद भी गर्भवती है। सुबह करीब ग्यारह बजे यह उस वार्ड में गई जहां उसकी बहन दाखिल थी। वहां एक प्रसूता महिला अपने नवजात के साथ लेटी हुई थी। वह नवजात को दूध पिलाने की कोशिश कर रही थी लेकिन नवजात फीड नहीं कर पा रहा था। इस पर उक्त महिला ने मदद करते हुए उसके बच्चे को फीड करवाया और वार्ड से बाहर निकल गई।
अस्पताल से कुछ दूर जब वह संबंधित दुकान में अपना सामान ले रही थी तो उसी बीच कुछ लोगों ने उसे यह कहकर पकड़ा कि यह बच्चा उठाने वाले गिरोह की सदस्य है। विवाद बढ़ा , महिला खुद को बेकसूर बताती रही। पुलिस उसे केएनएच पुलिस पोस्ट में ले गई। यहां से थाना छोटा शिमला भेजा गया। महिला के बयान के बाद वार्ड में उस महिला से भी बात की गई जिसके नवजात को उसने दूध पिलाया था। उक्त महिला ने कहा कि उसके बच्चे को उसने जबरन नहीं उठाया था बल्कि उसने तो उसकी मदद की। पुलिस ने आनी में महिला के ग्राम प्रधान से बात भी की उसने भी यही कहा कि महिला का कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं है। डीएसपी सिटी पंकज शर्मा ने कहा कि महिला खुद गर्भवती है, उसने किसी का बच्चा नहीं उठाया बल्कि एक प्रसूता महिला के नवजात को फीड किया। लोगों ने उसे बच्चा उठाने वाली समझा। जांच पूरी होने के बाद उसे छोड़ दिया गया है।

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