
नारायणबगड़। आखिरकार कर्णप्रयाग-ग्वालदम मोटर मार्ग के सुधारीकरण की राह आसान हो गई है। विभागीय उच्चाधिकारियों के साथ सफल वार्ता के बाद केवर के ग्रामीणों ने अपना विरोध वापस ले लिया है और बीआरओ की ओर से मार्ग निर्माण की सहमति दे दी है। जल्द बीआरओ और राजस्व पुलिस संयुक्त सर्वेक्षण कर सड़क कटिंग में आने वाली भूमि और आवासीय मकानों का आगणन तैयार करेगी और बीआरओ इसका मुआवजा प्रभावितों को देगी।
बुधवार को केवर की ग्राम प्रधान माहेश्वरी देवी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल बीआरओ के कर्नल विशाल सहित ओसी अमरेंद्र सिंह, प्रशांत कुमार से मिला और वार्ता की। पहले तो ग्रामीण मुआवजे और विस्थापन की मांग पर अडिग रहे। इस दौरान दिल्ली मुख्यालय से आए बीआरओ के कर्नल विशाल ने केवर के ग्रामीणों से कहा कि ग्रामीणों की जितनी भी भूमि या आवासीय मकान सड़क निर्माण की जद में आएंगे, उसका पूरा मुआवजा बीआरओ देगा। लेकिन मार्ग से सौ मीटर के दायरे में अगर कोई आवासीय भवन भूस्खलन से प्रभावित होता है, तो वे उसका मुआवजा नहीं देंगे। उन्होेंने कहा कि केवर गांव के प्राचीन शिवालय के पुनर्निर्माण के लिए भी बीआरओ गांव का पूरा सहयोग करेगा। अमरेंद्र कुमार और प्रशांत कुमार ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि ग्रामीणों की समस्या के निस्तारण का प्रयास होगा। इस मौके पर भवन मालिक यशपाल सिंह नेगी, कृपाल सिंह नेगी, माहेश्वरी देवी, दिलबर कोहली, विक्रम सिंह रावत, जय प्रकाश कोहली आदि थे।
यह था मामला
पिंडर नदी के उफान से ध्वस्त हुए मार्ग के ऊपर बसे केवर के ग्रामीण गांव को हो रहे खतरे को लेकर निर्माण कार्य का विरोध कर रहे थे। इसके चलते छह दिन से कर्णप्रयाग-ग्वालदम मोटर मार्ग का सुधारीकरण कार्य ठप पड़ा था। ग्रामीण विस्थापन के साथ ही मुआवजे की मांग पर अडिग थे। इस दौरान बीआरओ ने मुख्य सचिव को भी मामले से अवगत कराया था। लेकिन कोई हल नहीं निकल पाया था।
