
अल्मोड़ा। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के पाठ्यक्रम सामग्री विकास एवं मूल्यांकन विभाग के तत्वावधान में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) पर दो दिवसीय अध्ययनशाला आयोजित की गई। इस मौके पर डायट के प्राचार्य रविशंकर आर्य ने कहा कि अधिनियम का पालन करना सबकी जिम्मेदारी है।
अजीम प्रेमजी फाउंडेशन शिक्षा संस्थान के सभागार में हुई अध्ययनशाला में श्री आर्य ने कहा कि आरटीई अधिनियम लागू हो चुका है। इसलिए बीईओ, प्रधानाचार्यों, शिक्षकों, समन्वयकों को अधिनियम की जानकारी होना जरूरी है। नीलम नेगी ने आरटीई को शैक्षिक सुधार के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज बताया। प्रेमजी फाउंडेशन के कुमाऊं टीम लीडर राजीव शर्मा ने शैक्षिक सुधार के सभी कार्यक्रमों में परस्पर संवाद की प्रक्रिया को जरूरी बताया।
अध्ययनशाला संयोजक डा. रमेश चंद्र पांडे ‘राजन’ और वरिष्ठ प्रवक्ता भाष्करानंद पांडे ने बताया कि अधिनियम के अनुसार कक्षा एक से आठ तक बोर्ड परीक्षाएं समाप्त कर दी गई हैं। कार्यशाला का समापन बीईओ जय प्रकाश यादव ने किया।
डीईओ माध्यमिक अतुल सेमवाल, डीईओ बेसिक जगमोहन सोनी, बीएन पांडे, विनय कुमार, बीडी अंडोला, जीएस गैड़ा, प्रधानाचार्य जीएस जोशी ने भी विचार रखे। इस अवसर पर प्रेमजी फाउंडेशन के सदस्य डा. दीवान नगरकोटी, संदीप कुमार, फुरकान खान, बीईओ शिव प्रसाद दोहरे, सुरेश आर्या, एचआर राजन, महेश राम, डा. मिथिलेश ओझा, डा. स्वामीनाथ सिंह, डा. शिवचरण सिंह, डा. नंदी शर्मा, डा. आरके वैष्णव, डा. गोकुल रावत, डा. गिरीश तिवारी, डा. शशि जोशी आदि उपस्थित थे।
