
शिमला। स्मार्ट पुलिस लापरवाही में भी कम नहीं है। वीरवार को थाना ढली के तहत तेज रफ्तार एक कार सड़क के किनारे खड़े लोगों को कुचलती हुई आगे बढ़ गई। मौके से पुलिस को तुरंत गाड़ी नंबर बता दिया गया लेकिन गाड़ी ट्रेस नहीं हो पाई। लोगों ने शुक्रवार को जब पुलिस से गाड़ी के बारे में पूछा तो जवाब मिला, ढूंढ रहे हैं अभी कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस के रवैये से क्षुब्ध होकर घटना के चश्मदीदों ने खुद ही गाड़ी को ढूंढने की ठानी। कुछ घंटों की मेहनत के बाद नतीजा सामने था। गाड़ी को भराड़ी में ढूंढ निकाला गया। उसके बाद फिर पुलिस को सूचित किया गया।
मामला वीरवार शाम करीब पौने सात बजे का है। ढली के समीप कुछ टैक्सी ऑपरेटर गाड़ियों की वाशिंग करवा रहे थे। इतने में तेज रफ्तार से एक वैगनार कार आई। इसमें छह युवक बैठे हुए थे जो चेहरे से नाबालिग लग रहे थे। चालक से गाड़ी अनियंत्रित हुई और उसने सीधे टैक्सी ऑपरेटरों पर गाड़ी चढ़ा दी। वहां खड़े संजय ठाकुर बाल-बाल बच गए लेकिन दूसरे टैक्सी ऑपरेटर रोहिल सोनी चपेट में आ गए। उन्हें पैर में चोट लगी। संजय ने तुरंत पुलिस को सूचित कर गाड़ी का रंग और नंबर बताया। इसके बाद रोहिल को उपचार के लिए आईजीएमसी ले गए। आरोप है कि सूचना के बावजूद पुलिस अस्पताल में भी समय पर नहीं पहुंची। प्राथमिक उपचार के बाद रोहिल को समरहिल स्थित उनके घर पर छोड़ दिया। सुबह जब गाड़ी के बारे में पुलिस से पूछा गया तो रटा रटाया जुमला सुनने को मिला… छानबीन चल रही है। नाराज टैक्सी आपरेटरों ने खुद ही गाड़ी को खोजना शुरू कर दिया। कुछ घंटों बाद सूचना मिली की गाड़ी भराड़ी के पास खड़ी है। संजय ठाकुर ने कहा कि अगर सारा काम जनता को ही करना है तो पुलिस का क्या काम?
डीएसपी सिटी पंकज शर्मा ने कहा कि थाना ढली से उन्हें इसके बारे में कोई सूचना नहीं दी गई। इस पूरे मामले की जानकारी ली जाएगी।
