
बिलासपुर। मौसम का बदला मिजाज बच्चों की सेहत पर भारी पड़ने लगा है। प्रचंड गर्मी के बाद तापमान में गिरावट जरूर आई है, किंतु गर्मी का अहसास कम नहीं हुआ। उमस भरी गर्मी के कारण लोग बीमार पड़ने लगे हैं। खासकर बच्चे सर्दी-जुखाम, बुखार, उल्टी दस्त, टायफायड और मलेरिया जैसी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि समस्या गंभीर नहीं है। इस सीजन में मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ करता है।
क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में बच्चों की ओपीडी में भारी इजाफा हुआ है। पिछले महीने की तुलना इस बार एक हजार अधिक बच्चे बीमार हुए। पिछले महीने आंकड़ा दो हजार था, जबकि इस बार तीन हजार बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाना पड़ा। अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ देखी जा रही है। बच्चों के अलावा बडे़ भी ऐसी ही छुटपुट बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। पिछले महीने की अपेक्षा अस्पताल की ओपीडी में 25 से 30 प्रतिशत तक का इजाफा दर्ज किया गया है। क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर के शिशु रोग विशेषज्ञ एवं चिकित्सा अधीक्षक डा. सतीश की मानें तो पिछले माह उनके पास करीब दो हजार ओपीडी थी। इस बार यह संख्या तीन हजार तक पहुंच गई है। डा. दीपक के अनुसार मरीजों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है। यदि लोग सावधानियां बरते तो उमस भरी गर्मी के कारण बीमारी की चपेट में आने से बच सकते हैं।
वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डा. सतीश ने कहा कि उमस भरी गर्मी के कारण ओपीडी में वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि इस मौसम में लोग सावधानी बरतें।
ये सावधानियां बरतें
1. सफाई का विशेष ध्यान रखें।
2. पानी उबाल कर पीएं।
3. खाना खाने से पहले हाथ अच्छी तरह धोएं।
4. बीमारी से बचाव को घर पास उगी झाड़ियों को साफ करें।
5. तीन या पांच दिन तक बुखार रहने पर डाक्टर से संपर्क करें।
