
ज्वालामुखी (कांगड़ा)। मां ज्वाला के प्रकटोत्सव पर ‘माता जिनका नाम पुकारे वो लोग निराले होते हैं, ऊंचे पर्वत पे मैया ने दरबार लगाया है, चलो बुलावा आया है मैया ने बुलाया है…इन भजनों के साथ बाबा चेतन गिरि ने शक्तिपीठ में ऐसी अलख जगाई कि हर श्रद्धालु मां की चौकी पर नतमस्तक हो गया। मां ज्वाला के प्रकटोत्सव पर बुधवार को गुप्त नवरात्र का विधिवत समापन किया गया। मां ज्वाला देवी के प्रकटोत्सव पर पुजारी मनु माल्टा, शैलेंद्र गोकु ल ने बताया कि मुंबई से पहुंचे श्रद्धालु जीतू सिंह, अर्चना सिंह और सरिता सिंह ने मां की चौकी लगाकर जहां मां का गुणगान किया, वहीं मां को देसी घी के छप्पन पकवान बनाकर भोग लगाया और भक्तों में प्रसाद बांटा। नौ दिन तक चले जप, पाठ का बुधवार को विधिवत हवन किया गया। इस शुभ मौके पर विधायक संजय रतन, सहायक मंदिर आयुक्त विनय कुमार, मंदिर अधिकारी सुरिंद्र शर्मा मौजूद रहे। उन्होंने मां ज्वाला की पवित्र ज्योतियाें की परंपरानुसार पूजा अर्चना कर कन्या पूजन कर हलवे का प्रसाद बांटा। मंदिर में विश्व कल्याण और विश्व शांति के लिए अनुष्ठान में बैठे पुजारियों को दक्षिणा पर आवर्णी भी दी गई। मां ज्वाला देवी के रूप को मां के प्रकटोत्सव (जन्मदिन) पर हजाराें श्रद्धालुओं ने दर्शन कर मां से आशीर्वाद मांगा। पुजारी महासभा के प्रधान दिव्यांशु भूषण, संदीप छोटे लाल ने बताया कि मां ज्वाला के प्रकटोत्सव पर पुजारी महासभा ने हर वर्ष की भांति विशाल भंडारे को आयोजन किया जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
