
मंडी। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले जनता का ध्यान महंगाई, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, निजीकरण और उदारीकरण से हटाने के लिए भाजपा की ओर से एक बार सांप्रदायिक मुद्दों को उछालने की निंदा की है। माकपा के जिला सचिव भूपेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनाव प्रचार कमेटी का मुखिया बनाया है। फिर से राम मंदिर के मुद्दे को उठाने की कोशिश तेज हो गई है। बाबा राम देव भी योग शिविरों में भाजपा और नरेंद्र मोदी से जुड़ने का मानसिक अभ्यास जनता को करवाने में लग गए हैं। माकपा का मानना है कि भाजपा और कांग्रेस जिन नेताओं को आगामी प्रधानमंत्री के रूप में पेश करने जा रही है, उनकी आर्थिक नीतियां एक जैसी हैं। जो बड़े बड़े उद्योगपतियों और कंपनी तथा विदेशी पूंजी के लिए देश में बिना किसी नियंत्रण के अनुमति देती हैं। भाजपा मोदी के विकास मॉडल की बात कर रही है जो मॉडल निजीकरण व सांप्रदायिकता को बढ़ावा देने वाला मॉडल है। जिला सचिव ने कहा कि माकपा अगले आम चुनाव में मंडी और शिमला लोकसभा से चुनाव लड़ेगी। जिसके लिए अभी से ही तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
