
धर्मपुर (मंडी)। धर्मपुर विस क्षेत्र की भरौरी पंचायत में भूमि धंसने से सतरेहड़ गांव के आधा दर्जन परिवारों के रिहायशी मकानों के गिरने का खतरा बना हुआ है। एक गौशाला और हैंडपंप भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। मंगलवार को एसडीएम सरकाघाट रोहित ठाकुर ने टीम के साथ मौके का जायजा लिया।
पिछले वर्ष भी सतरेहड़ गांव में भूमि धंसने से मकानों को क्षति पहुंची थी तथा एक गौशाला भी क्षतिग्रस्त हो गई थी। पिछले वर्ष भी उपमंडलाधिकारी सरकाघाट और भू-संरक्षण अधिकारी सरकाघाट ने मौके का दौरा किया था। इस गांव को धंसने से बचाने के लिए प्रारूप तैयार कर स्वीकृति के लिए जिला प्रशासन को भेजा था। प्रोटेक्शन वाल न लगने के कारण इस बार भी गांव में कई मकानों को खतरा बना हुआ है।
मंगलवार को एसडीएम सरकाघाट रोहित ठाकुर ने अपनी टीम के साथ मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया और लोगों को आश्वासन दिया कि उनकी हरसंभव सहायता की जाएगी। टीम में तहसीलदार संधोल जोगिंद्रपाल पटियाल और पटवारी हलका तथा लोनिवि से कनिष्ठ अभियंता शामिल थे। लोगों ने बताया कि सड़क का पूरा पानी गांव के नीचे से होकर नाले में जाता है, जिससे भी नुकसान हो सकता है। जिन घरों को खतरा बना हुआ है, उनमें योगेश कुमार, सुभाष चंद, सोहन सिंह, अच्छर सिंह, पवन कुमार इत्यादि शामिल हैं। दौलत राम की एक गौशाला ध्वस्त हो गई। खनौड़ पंचायत के घरवासड़ा गांव के ख्याली राम के मकान के आगे भूस्खलन होने से मकान को खतरा पैदा हो गया है। ख्याली राम ने बताया कि पिछले वर्ष भी यहां भूस्खलन हुआ था और भूसंरक्षण अधिकारी सरकाघाट ने इसके लिए प्राकलन तैयार किया था, लेकिन कोई भी पैसा न आने की वजह से अब मकान को पूरी तरह खतरा हो गया है। मकान के आगे बनाया गया छोटा मंदिर और शौचालय क्षतिग्रस्त हो गया है। मकान मालिक को घर के आगे बांस के डंडों से मकान को स्पोर्ट देनी पड़ रही है।
