
तीसा (चंबा)। क्षेत्र की सेईकोठी पंचायत के एक दर्जन के करीब गांव अभी भी सड़क से नहीं जुड़ पाए हैं। इस कारण ग्रामीणो को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क सुविधा न मिलने के कारण ग्रामीणों में सरकार के प्रति रोष है। गुस्साए ग्रामीणों ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर सड़क सुविधा न मिली तो लोकसभा चुनाव का वहिष्कार किया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक नरवाड़ एक और दो, राख, औला, गुंगयास, जिंयूठ, मैता, गुली, हडला, न्यूंड, हलोगा, रेणुकोठ, मधवाड़ और लुइंडा गांवों को आज तक सड़क सुविधा नसीब नहीं हुई है। इस कारण ग्रामीणों को सड़क तक पहुंचने के लिए दो से तीन घंटे का पैदल सफर तय करना पड़ रहा है। वहीं, स्कूली बच्चों को सात बजे ही स्कूल जाने की तैयारी करनी पड़ती है और रात को 7 से आठ बजे वापस घर पहुंचते हैं। इसके अलावा गांव में कोई बीमार पड़ जाए तो स्वास्थ्य केंद्र तीसा तक पहुंचाने के लिए चार घंटे लग जाते हैं। ऐसे में मरीज आधे रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। स्थानीय निवासी चतर सिंह, भगवान दास, नंद लाल, भिखा राम, रूप चंद, लेख राज, यशवंत सिंह, चूहडू राम, हरिया राम, गंगू राम, देवी सिंह, ,खुशी राम और बलदेव ने बताया कि कई सरकारें आई कई चली गईं, लेकिन आज तक यह गांव सड़क से नहीं जुड़े। उन्होंने कहा कि जल्द इन गांवों को सड़क से नहीं जोड़ा गया तो ग्रामीण लोकसभा चुनावों का बहिष्कार कर देंगे। प्रदेश सरकार से मांग की है जल्द इन गांवों के लिए सड़क बनाई जाए।
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क्या कहना है लोनिवि का
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता सौरभ चौधरी ने बताया कि वन विभाग से एनओसी न मिलने के कारण सड़क का काम लटका हुआ है। उन्होंने कहा कि जैसे ही एनओसी मिलती है, सड़क का काम शुरू कर दिया जाएगा।
प्रस्ताव सरकार को भेजा है
वन विभाग के आरओ विरेंद्र भारद्वाज ने बताया कि प्रस्ताव सरकार को भेज दिया गया है। जैसे ही स्वीकृति मिलती है एनओसी जारी कर दी जाएगी। वहीं, स्थानीय विधायक हंस राज ने कहा कि सड़क को लेकर विधानसभा सत्र में प्रस्ताव रखा गया था। इसके अलावा संबंधित विभाग के उच्च अधिकारियों के भी अवगत करवा दिया गया है।
