
जुब्बल (शिमला)। सेब ढुलाई के लिए तैयार किए गए रोप-वे प्रोजेक्ट में जुब्बल कोटखाई की पूरी तरह अनदेखी की गई है। प्रेस वार्ता में भाजपा मंडल महामंत्री उमेश शर्मा ने आरोप लगाया कि क्षेत्र के विधायक जुब्बल कोटखाई के बागवानों की आवाज सरकार तक पहुंचाने में नाकाम साबित हुए हैं। उन्होंने कहा कि तत्कालीन बागवानी मंत्री नरेंद्र बरागटा ने सेब के बगीचों को रोप-वे प्रोजेक्ट से जोड़ने की योजना बनाई थी। इस ड्रीम प्रोजेक्ट में जुब्बल कोटखाई और नावर क्षेत्र के लगभग सभी बगीचों को शामिल किया गया था। रोप-वे का टर्मिनल स्थान पराला मंडी को रखा गया था। लेकिन, वर्तमान सरकार ने हाल ही में रोप-वे योजना में फेरबदल कर दिया है। राजनीतिक द्वेष के कारण रोप-वे के रूट में भारी परिवर्तन किया गया है। जुब्बल कोटखाई के बगीचों को रोप-वे योजना से बाहर कर दिया गया है, जबकि रोप-वे का टर्मिनल स्थान अब पराला मंडी से बदलकर परवाणु कर दिया गया है। भाजपा मंडल की मांग है कि रोप-वे प्रोजेक्ट से जुब्बल कोटखाई नावर क्षेत्र के सभी बगीचों को जोड़ा जाए। जुब्बल कोटखाई विधानसभा क्षेत्र प्रदेश का सबसे बड़ा सेब उत्पादक क्षेत्र है। बावजूद इसके सरकार ने एक मंत्री विशेष के क्षेत्र को लाभ देने के लिए परियोजना में फेरबदल कर दिया है। अब भाजपा कार्यकर्ताओं ने सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन करने का निर्णय लिया है।
