
ठगों से राजधानी के लोग बेहाल हैं। कोई बेरोजगार युवाओं को विदेश में लाखों रुपये सैलरी का लालच देकर कबूतरबाजी को अंजाम दे रहा है तो कोई लोहे को सोना बनाने के नाम पर ठगी में जुटा है।
लोग परेशान हैं और पुलिस भी। जागरूकता अभियान चलाने के बावजूद कभी बेहतरी की उम्मीद तो कभी लालच लोगों को सब कुछ गंवाने पर मजबूर कर रहा है। एसएसपी ने सभी थानों को ठगों पर नजर रखने के सख्त निर्देश दिए हैं, लेकिन ठगी की घटनाओं पर रोकथाम नहीं लग पा रही। बृहस्पतिवार को भी ऐसे दो मामले सामने आए।
आस्ट्रेलिया में नौकरी के नाम पर ठगे लाखों
आस्ट्रेलिया में लाखों रुपयों का पैकेज दिलाने के नाम पर कई बेरोजगारों से लाखों रुपये ठग लिए गए। युवक वहां पहुंच तो गए, लेकिन पासपोर्ट फर्जी निकलने पर उन्हें जेल में बंद कर दिया गया। किसी तरह तीन युवक छूटकर दून लौटे और पुलिस को जानकारी दी। एसएसपी ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।
बृहस्पतिवार को राकेश, चमारू राम और अंकित सिंह ने एसएसपी कार्यालय को लिखित शिकायत की है कि उन्हें नेहरूग्राम के कुछ युवक मिले। उन्होंने बताया कि वे बेरोजगारों का विदेशों में जॉब प्लेसमेंट करते हैं। तीनों ने उन्हें शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के अलावा अन्य दस्तावेज दिए।
कुछ दिन बाद उक्त युवकों ने थाईलैंड में नौकरी दिलाने की बात कही। तीनों बेरोजगार झांसे में आ गए और उन्हें वीजा और अन्य जरूरी दस्तावेज के लिए हजारों रुपये दे दिए। कुछ दिन बाद युवकों ने कहा कि आस्ट्रेलिया की एक कंपनी में तीन पोस्ट खाली हैं, वहां नौकरी मिल जाएगी। तीनों मान गए। हरेक से साढ़े पांच लाख रुपये वसूलकर आस्ट्रेलिया पहुंचा दिया गया।
तीनों वहां पहुंचे तो पता चला कि पासपोर्ट फर्जी हैं। तीनों को आस्ट्रेलियन पुलिस ने पकड़ लिया। बाद में पुलिस ने उन्होंने बताया कि देहरादून से कई अन्य युवक भी फर्जी पासपोर्ट के जरिये आस्ट्रेलिया आए थे। वे सब जेल में बंद है। तीनों युवक किसी तरह भारत लौटे। यहां पहुंचकर उन्होंने एसएसपी से शिकायत की। एसएसपी ने मामले की जांच के आदेश दिए ।
लोहे को सोने में बदलने के नाम पर लाखों ठगे
दो ठगों ने लोहे को सोने में बदलने वाले पाउडर के नाम पर एक व्यापारी से 17 लाख रुपये ऐंठ लिए। व्यापारी ने आठ किलो पाउडर लिया। लोहे की कई छड़ों पर इसे लगाया, लेकिन सोना नहीं बना तो वह दुखड़ा सुनाने एसएसपी कार्यालय पहुंच गया। एसएसपी ने उसे जागरूक रहने की नसीहत दी और पुलिस को मुकदमा दर्ज करने का आदेश।
देवेंद्र कुमार बंसल निवासी त्यागी रोड का बाबूगंज पीपल मंडी में न्यू बंसल इलेक्ट्रिकल शोरूम है। देवेंद्र ने बताया कि एक साल पूर्व उसकी दुकान में राजवीर चौधरी पुत्र महावीर चौधरी निवासी पोतागढ़ी, शामली आया। उसने कहा कि उसे कुछ रुपयों की जरूरत है। इसके बदले उसने देवेंद्र को देसी घी दे दिया। इसके बाद दोनों की जान पहचान हो गई। कुछ दिन पहले राजवीर एक बुजुर्ग को साथ लाया।
राजवीर ने उसका परिचय अपने ताऊ हरि सिंह चौधरी के तौर पर दिया। कहा कि हरि सिंह ग्राम प्रधान है। हरि सिंह ने देवेंद्र को बताया कि उनके घर के पास एक विधवा महिला रहती है, जिसे पास लोहे को सोना बनाने का पाउडर है। ताऊ और भतीजा अपने साथ पाउडर भी लाए थे।
मोबाइल स्विच ऑफ थे
देवेंद्र के मुताबिक उन्होंने पाउडर से एक लोहे के टुकड़े को सोना बना दिया। विश्वास होने पर देवेंद्र ने उनसे आठ किलो पाउडर 17 लाख पचास हजार रुपये में खरीद लिया। इसके बाद दोनों चले गए। इधर, बंसल ने लोहे के टुकड़ों पर पाउडर लगाया, लेकिन जब वह सोने में तरमीम नहीं हुआ तो उन्होंने दोनों को फोन किया। लेकिन मोबाइल स्विच ऑफ थे। इसके बाद देवेंद्र ने पुलिस को शिकायत दी।
