
मंडी। नगर परिषद मंडी की विशेष बैठक कोरम पूरा न होने की वजह से अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। जिसके चलते हाईकोर्ट के निर्देश पर सरकारी जमीन से अवैध कब्जे हटाने बारे प्रस्ताव पारित नहीं हो पाया। हालांकि, बैठक में जो सदस्य मौजूद थे, उन्होंने हाईकोर्ट के फैसले की अनुपालना करने बारे सहमति प्रदान की। शुक्रवार से मंडी शहर में सरकारी जमीन पर हुए अवैध कब्जों पर एक बार फिर हथौड़ा चलेगा। नगर परिषद ने ऐसे 47 मामले चिन्हित किए हैं। जिन्होंने सरकारी भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करके रिहायशी मकान बना दिए हैं।
हाईकोर्ट के आदेश पर ही पूर्व में नगर परिषद की ओर से अवैध कब्जे हटाने की मुहिम शुरू की गई थी। जिसके चलते मंडी शहर में 13 अवैध कब्जे हटाए गए थे। इसके बाद नगर परिषद ने यह मुहिम रोक दी थी। अदालत ने इस पर कड़ा संज्ञान लिया था। वहीं नप अध्यक्ष और कार्यकारी अधिकारियों को नोटिस जारी कर इस बारे में जवाब भी तलब किया। नगर परिषद की ओर से अदालत में अपना जवाब दायर कर दिया है। अदालत के निर्देश पर इस बारे में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट अब नप को 16 जुलाई को अदालत के समक्ष पेश की जानी है। इसके बाद अदालत की ओर से आगामी निर्देश जारी किए जाएंगे। वीरवार को नगर परिषद की विशेष बैठक आमंत्रित की गई थी। मगर इसमें कोरम पूरा न हो पाने की वजह से कोई भी फैसला नहीं लिया जा सका। नप की ओर से जिन दस अवैध कब्जाधारकों को नोटिस जारी किए गए हैं। उन पर शुक्रवार को कार्रवाई की जाएगी। नगर परिषद अध्यक्ष सुशीला सोंखला ने बताया कि कोरम पूरा न हो पाने की वजह से विशेष बैठक में कोई निर्णय नहीं लिया जा सका। बैठक में उपस्थित पार्षदों ने हाईकोर्ट के निर्देशों की अनुपालना का समर्थन किया है। कहा कि शुक्रवार से सरकारी भूमि से अवैध कब्जे हटाने की मुहिम शुरू की जाएगी।
