
शाहतलाई (बिलासपुर)। जनपद में मुख्य फसल मक्की में लगे रोग पर नियंत्रण के लिए कृषि विभाग ने अब खेतों का रुख कर लिया है। मंगलवार को कृषि विभाग के अधिकारियों की टीम ने तलाई क्षेत्र पहुंचकर फसल पर लगी बीमारी का जायजा लिया। विभिन्न खेतों का निरीक्षण करने के बाद अधिकारियों ने यह निष्कर्ष निकाला है कि रोग फैलने का कारण ब्लैक बीटल नामक कीट है। अधिकारियों ने दावा किया है कि दवाई के छिड़काव के बाद बीमारी पर अंकुश लगा जाएगा। ‘अमर उजाला’ ने 08 जुलाई के अंक में ‘फसल पर अज्ञात रोग से होश उडे़’ शीर्षक के साथ किसानों की इस मुख्य समस्या को उजागर किया था। जिस पर संज्ञान लेते हुए कृषि विभाग की टीम ने खबर छपने के दूसरे दिन इलाके का दौरा कर किसानों को इससे बचाव के उपाए बताए।
कृषि विभाग की टीम ने बरठीं, झबोला, दसलेहड़ा, भगतपुर समेत तलाई का दौरा किया। कृषि विभाग के उपनिदेशक डा. जीसी लखनपाल, आतमा परियोजना के निदेशक डा. एलआर धीमान, कृषि विज्ञान केंद्र बरठीं के विशेषज्ञ डा. अखिलेश सिंह व बरठीं कृषि प्रसार केंद्र के प्रभारी डा. संदीप गौतम ने खेतों के निरीक्षण के बाद रोग को बीटल कीट का हमला बताया। यह खतरनाक कीट मक्की के कोमल तने खा रहा है। इससे पत्ते सफेद हो रहे है। उनके छेद पड़ने पर पौधा पूरी तरह से सूख जाता है। मानसून करीब एक माह पहले आ जाने से यह कीट जल्दी आ गया है। कृषि विशेषज्ञाें ने किसानो को खेताें में साइप्रमिथयान, प्रोपीनोफोस, ट्राइजोफोस एक मिलीलीटर एक लीटर पानी मे घोल कर स्प्रे करने की सलाह दी दी है। इससे इस कीट का प्रकोप कम हो जाएगा।
