
पपरोला (कांगड़ा)। पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेलमार्ग पर वीरवार को लगातार पांचवें दिन रेल सेवाएं बाधित रहीं। बैजनाथ-पपरोला स्टेशन से वीरवार को भी 2 रेलगाड़ियां रद की गईं। जबकि अन्य रेलगाड़ियां कोपरलाहड़ तक ही गईं। इससे रेल यात्रियों को कड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा।
उल्लेखनीय है कि कोपरलाहड़ में भारी बारिश के चलते मलबा गिरने से कांगड़ा घाटी रेल सेवा प्रभावित चल रही है। रेलवे ट्रैक पर भारी मलबा तथा पत्थर गिरने से रेल सेवा बाधित पड़ी है। मलबे को पांच दिन के बाद भी नहीं हटाया जा सका है। इसके चलते कांगड़ा घाटी की लाइफलाइन माने जानी वाली रेल के प्रभावित होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हर दिन हजारों लोग कांगड़ा रेल में सफर करते हैं। वहीं स्टेशन अधीक्षक गौतम चंद ने बताया कि ऐहजू से कोयले की केरी (कोयले का बुरादा) लेकर 3 मालगाड़ियां कोपरलाहड़ भेजी गई हैं। जहां भू-स्खलन प्रभावित क्षेत्र में कोयले की केरी भरकर भू-स्खलन रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि रेलमार्ग के देर शाम या शुक्रवार सुबह तक बहाल होने की पूरी संभावना है। रेलवे कर्मचारी रेलवे ट्रैक को बहाल करने में लगे हुए हैं।
चामुंडा रोपवे को मंजूरी पर जताया आभार
पपरोला (कांगड़ा)। श्री चामुंडा नंदिकेश्वर मंदिर न्यास के न्यासी व कंदराल पंचायत प्रधान वीरेंद्र कटोच ने मां हिमानी चामुंडा मंदिर तक बीओटी आधार पर रोप-वे बनाने को मंजूरी देने पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह व शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा का आभार जताया है। कटोच ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने श्रद्धालुओं की वर्षों पुरानी मांग को अमलीजामा पहनाया है। रोपवे बनने से मां चामुंडा के भक्तों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। वहीं क्षेत्र में पर्यटन भी विकसित होगा।
