पुलिस, प्रशासन के खिलाफ आरोप पत्र सीएम को भेजा

बागेश्वर। संगीता मलड़ा की संदिग्ध मौत के मामले की जांच सीबीआईडी के पास है। आंदोलनकारी संगठन और संगीता के परिजन पूर्व में हुई पुलिस जांच पर सवाल उठाते रहे हैं। भाकपा माले और आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन का कहना है कि पुलिस प्र्रशासन के खिलाफ आरोप पत्र को ज्ञापन के रूप में पहले ही सीएम को भेज दिया गया है। जांच एजेंसी को भी इस पर गौर करना चाहिए। तभी संगीता के परिजनों को न्याय मिलेगा।
सीबीसीआईडी जांच शुरू हो चुकी है, लेकिन आंदोलनकारी संगठनों की कई दलीलें हैं। उनका कहना है कि घटना से पूर्व और बाद में विभिन्न स्तरों पर लापरवाही होने के कारण जांच पर असर पड़ सकता है। सीबीसीआईडी को इस पहलू पर गौर करना होगा। भाकपा माले की केंद्रीय कमेटी के सदस्य राजा बहुगुणा का कहना है कि संगीता मलड़ा मंडलसेरा में अवैध शराब का विरोध कर रही थी। उसने 20 मई और 24 मई को प्रशासन को ज्ञापन दिए थे। जिनमें शराब बेचने वालों की तरफ से धमकी मिलने की बात तक कही र्गई थी। अवैध शराब रोकने का काम पुलिस का है, जिसे संगीता कर रही थी। उसे अपनी जान गंवानी पड़ी। श्री बहुगुणा ने कहा कि 29 मई को संगीता की हत्या हुई। उस वक्त गांव में शादी थी। संगीता घर पर अकेली थी। इस मामले में फारेंसिक जांच नहीं हुई। घटनास्थल पर बिखरे सामान, संगीता के नुचे हुए बाल, जेवरात आदि सुबूतों को पुलिस ने कब्जे में नहीं लिया। आशा वर्कर्स यूनियन के प्रदेश महामंत्री जगत मर्तोेलिया का कहना है कि पुलिस और प्रशासन के खिलाफ यह आरोप पत्र ज्ञापन के रूप में मुख्यमंत्री को पहले ही भेजा जा चुका है।

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