
पधर (मंडी)। एफआरयू का दर्जा प्राप्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पधर में मूलभूत सुविधाओं के अभाव से मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के लिए आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन सुविधाओं में कोई इजाफा नहीं हुआ है। सीएचसी के लिए ढाई करोड़ की लागत से स्वीकृत नए भवन का काम भी अभी तक शुरू नहीं हो पाया है।
स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर के चुनाव क्षेत्र द्रंग के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पधर को वर्ष 2003 में फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) का दर्जा मिला था, लेकिन मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं एफआरयू के मुताबिक नहीं मिल रही हैं। स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिदिन 100 से 150 ओपीडी होती है। भवन के अभाव में इंडोर स्वास्थ्य सुविधा को लेकर रोगियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 30 बिस्तरों की सुविधा है, मरीजों की तादाद बढ़ने पर बिस्तर भी कम पड़ते हैं।
स्वास्थ्य केंद्र में पिछले कई दिन से डेंटल चेयर खराब पड़ी है। डेंटल चिकित्सक और मैकेनिक होने के बाद भी दंत रोगियों को असुविधा झेलनी पड़ रही है। विशेषज्ञ चिकित्सक न होने के कारण मरीजों को मंडी रेफर करना पड़ता है। हालांकि, स्वास्थ्य केंद्र में मौजूदा समय में तीन डाक्टर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नए भवन के लिए ढाई करोड़ रुपये मंजूर हुआ है। अभी तक भवन का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
बीएमओ पधर डा. आरएल शर्मा का कहना है कि जब तक अस्पताल के नए भवन का निर्माण नहीं हो जाता, यहां पर मूलभूत सुविधाएं देना रोगियों के लिए संभव नहीं। अस्पताल भवन के निर्माण को सरकार ने प्रयास तेज कर दिए हैं। डेंटल चेयर की मरम्मत भी पांच-सात दिन के भीतर कर दी जाएगी। मरीजों की सुविधा के लिए एक चिकित्सक रात्रि सेवाएं दे रहा है।
