
चंबा। स्थानीय बचत भवन चंबा में जिला योजना समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने कहा कि विकास कार्यों में विभागीय अधिकारियों की सुस्ती कतई सहन नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि विकास के अधूरे कार्य को पूर्ण करना और प्रदेश में एक समान विकास करना प्रदेश सरकार का लक्ष्य है। योजना समिति की बैठक में बीआरजीएफ के शेल्फ को पास करने बारे मंथन किया गया। पिछले वर्ष बीआरजीएफ के तहत खर्च किए गए 16 करोड़ 65 लाख रुपये के बजट के आय व्यय का अनुमोदन किया गया। आगामी बजट सदन में पारित करने के लिए पेश किया गया। वर्ष 2013-14 में 1422 स्कीमों पर 20 करोड़ 43 लाख बीआरजीएफ के तहत खर्च किए जाएंगे।
वन मंत्री ने समस्त खंड विकास अधिकारियों से बीआरजीएफ के कार्यों को ब्यौरा लिया और लंबित कार्यों को निश्चित समयावधि के भीतर पूर्ण के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के प्रति अधिकारियों का सुस्त रवैया कतई सहन नहीं किया जाएगा। कार्य पूर्ति प्रमाण पत्र जल्द जमा करवाए। अधूरे कार्यों को जल्द पूर्ण किया जाए। योजना समिति अध्यक्ष ने मैहला ब्लाक में लंबित पड़े 71 कार्यों को अक्तूबर माह के अंत तक पूरा करने के आदेश दिए।
बैठक में उपायुक्त संदीप कदम, एसपी बीएम शर्मा, जिला पंचायत अधिकारी रमेश कूपर, सीएमओ राकेश वर्मा, लोनिवि के अधिशाषी अभियंता एमके मिन्हास, बिजली बोर्ड के अधिशासी अभियंता एमएल शर्मा, जिप अध्यक्ष संतोष ठाकुर, जिप उपाध्यक्ष पवन ठाकुर, जिप सदस्य सुदेश ठाकुर, इंद्रा कूपर, मनोरमा, राज सिंह ठाकुर, अमित भरमौरी मौजूद रहे।
बैठक में नदारद अधिकारियों से खफा हुए वन मंत्री
वन मंत्री ने योजना समिति की बैठक में नदारद रहने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने उच्च शिक्षा उपनिदेशक, मछली विभाग के अधिकारी पर कड़ी आपत्ति जाहिर की। ठाकुर सिंह भरमौरी ने कहा कि वे जब भी जिला मुख्यालय में बैठक में आते हैं तो उच्च शिक्षा उपनिदेशक नदारद रहते हैं। इस पर उच्च शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने शिक्षा उपनिदेशक के शिमला में जरूरी कार्य होने की बात कही।
