
ज्वालामुखी (कांगड़ा)। बेशक महाबोधि मठ में हुए सीरियल धमाकों के बावजूद देश भर में अलर्ट जारी है। लेकिन प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री ज्वालामुखी में सुरक्षा ‘मां’ के भरोसे छोड़ दी है। कहने को तो यहां पर मेटल डिटेक्टर भी हैं, जो वर्तमान मे स्टोर रूम की शोभा बढ़ा रहे हैं। मंदिर के मुख्य और निकास द्वार पर न कोई सुरक्षा कर्मी तैनात नहीं है और न ही आने-जाने वालों पर कोई पैनी नजर। ऐसे में अगर कोई अनहोनी हो जाए तो किसकी होगी जवाबतलबी?
जानकारी के मुताबिक ज्वालामुखी मंदिर में दो शिफ्टों में सुरक्षाकर्मी ड्यूटी देते हैं। पहली शिफ्ट में 7 गृहरक्षक जवान व 6 एक्स सर्विसमैन व दूसरी शिफ्ट में भी इसी तरह से सुरक्षाकर्मी ड्यूटी देते हैं। रात्रि सुरक्षा ड्यूटी में एक गृहरक्षक, एक एक्स सर्विसमैन व मंदिर चौकीदार ड्यूटी देते हैं। इन सुरक्षा कर्मियों के पास न तो सुरक्षा उपकरण हैं और न ही टार्च, बरसाती आदि। कर्मी महज लाठी के सहारे अपनी ड्यूटी दे रहे हैं। ज्वालाजी शक्तिपीठ पहले भी आतंकी संगठनों के निशाने पर रहा है। ऐसे में सुरक्षा में चूक किसी बड़ी अनहोनी का कारण बन सकती है।
वहीं मंदिर में गुजरात से आए श्रद्धालु नवीन कुमार, हरकिशन व यूपी से आए श्रद्धालु रामानंद, दीप्ति, सुरेश, अवंतिका ने बताया कि गुप्त नवरात्र में वह मां ज्वाला की पवित्र ज्योतियों के दर्शन करने आए हैं। मंदिर में उन्हें कहीं भी मेटल डिटेक्टर से नहीं गुजारा गया और सुरक्षाकर्मियों द्वारा चेकिंग भी नहीं हुई। मंदिर अधिकारी सुरिन्द्र शर्मा ने बताया कि मंदिर के सुरक्षाकर्मियों को सतर्क रहने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। मंदिर के अपने सुरक्षाकर्मी ही मंदिर की सुरक्षा में तैनात हैं। पुलिस प्रशासन की ओर से अतिरिक्त पुलिस बल मौजूद नहीं है।
उधर, एडिशनल एसपी मोहित चावला का कहना है कि शक्तिपीठों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। स्थानीय पुलिस को चेक रखने के सख्त निर्देश हैं।
