
सोलन। जिला सोलन समेत बीबीएन के उद्योगों में नियमों को ताक पर रखकर कामगारों को बिना सुरक्षा उपकरण मुहैया करवाए काम लिया जा रहा है। श्रम विभाग के तय मानकों को दरकिनार करते हुए कंपनी के संचालक अपनी मनमर्जी से काम कर रहे हैं। चंद पैसों को बचाने की खातिर कर्मचारियों की सुरक्षा से खिलवाड़ किया जा रहा है।
जिला सोलन के उद्योगों में बढ़ते जानमाल के नुकसान पर श्रम विभाग ने यह खुलासा किया है। कोताही पर कंपनी प्रबंधकों को नोटिस जारी करके तय सीमा के भीतर जवाब मांगा गया है। जवाब से असंतुष्टि होने पर मामला अदालत को सौंप दिया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक यदि प्रबंधक दोषी पाए जाते हैं तो छह माह तक कैद और 01 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। मौजूदा वक्त में सोलन जिला में करीब 4 हजार उद्योगों में एक लाख लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से काम कर रहे हैं।
मजदूर नेताओं के तेवर कड़े, चेताया आंदोलन
प्रदेशाध्यक्ष हिंद मजदूर सभा मेला राम चंदेल ने कहा कि उद्योगों में मजदूरों की सुरक्षा राम भरोसे है। विभाग चुप्पी साधे बैठा है। सुरक्षा मानकों के अभाव में काम चल रहा है। एंटक यूथ के उपाध्यक्ष जसविंद्र चौधरी ने कहा कि अकुशल कारीगर हादसे का कारण बन रहे हैं। कई उद्योगों में तो मजदूरों के लिए इएसआई और पीएस की सुविधा नहीं है। मजदूरों को साथ लेकर इसके लिए आंदोलन करेंगे। इंटक के प्रदेशाध्यक्ष श्याम ठाकुर ने कहा कि ज्यादातर हादसे छोटे उद्योगों में हो रहे हैं। उनमें सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं है। जिला किसान सभा के अध्यक्ष रामकृष्ण ने कहा कि उद्योगों के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी है। उद्योगों में कामगारों को सेफ्टी किट भी नहीं दी जाती।
यह कर रखे हैं मानक तय
-मशीनों पर कुशल कामगार होने चाहिए
-आगजनी की सुरक्षा के लिए फायर हाइड्रेंट
-हादसे के निपटने के लिए फर्स्ट एड
-निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों के लिए हेलमेट, बेल्ट आदि सुरक्षा उपकरण
-सभी मशीनों में गार्ड व चैन कवर होने चाहिए
-मजदूरोें को सेफ्टी हेलमेट व जूते दिए जाने चाहिए
स्टोरी तीन
केस एक – 07 जुलाई को बरोटीवाला की पेपर मिल में मशीन की चपेट में आने से 20 वर्षीय युवक कामगार की मौत हो गई। पुलिस में कंपनी प्रबंधक के खिलाफ मुकदमा दर्ज ।
केस दो – 05 जुलाई को नालागढ़ के उद्योग में कामगार के मशीन की चपेट में आने से दोनों हाथ कट गए। कामगार उपचाराधीन है। पुलिस में कंपनी प्रबंधक के खिलाफ मुकदमा दर्ज।
केस तीन -02 जुलाई को बद्दी स्थित पेपर में ट्रक विस्फोट हो गया। इसमें तीन मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में दो मजदूरों को चोटें भी आई है।
केस चार – 15 मार्च को दाड़लाघाट में सीमेंट फैक्ट्री में हादसा, एक की मौत और दस इंजीनियर और कर्मचारी इसमें घायल हुए थे। पुलिस मामले में जांच कर रही है।
प्रबंधकों की लापरवाही से घटनाएं : श्रम निरीक्षक
बद्दी के श्रम निरीक्षक मनीष करोल ने बताया कि संबंधित सभी कंपनियों पर कार्रवाई की जा रही है। नियमों के तहत नोटिस जारी करके 15 दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है। यदि जवाब में संतुष्टि नहीं होती तो आगामी कार्रवाई होगी। समय-समय पर विभाग उद्योगों की जांच करता रहता है। वहीं इस संबंध में सोलन के श्रम निरीक्षक हेमराज शर्मा ने कहा कि उद्योगों को तभी एनओसी दी जाती है जब वह मानकों को पूरा करता है। हादसों का मुख्य कारण प्रबंधकों की लापरवाही है।
