हादसा नहीं, बेलीराम की हत्या हुई!

बिलासपुर। बरमाणा थानांतर्गत चम्यौण गांव के एक व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु के मामले में परिजन पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। उन्हाेंने इस मामले की गहन छानबीन कराने की मांग उठाई है। इस मांग को लेकर सोमवार को परिजनों व अन्य ग्रामीणों ने एएसपी से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा।
चम्यौण गांव के बेलीराम की गत 29 व 30 मई की मध्यरात्रि संदिग्ध हालात में मृत्यु हो गई थी। सोमवार को मृतक की बेटियों वंदना (12), आरती (10), मधुबाला (8) व रजनी (6) तथा एक वर्षीय बेटे कार्तिक को साथ लेकर एएसपी से मुलाकात करने पहुंची पत्नी प्रोमिला व माता कमला देवी ने कहा कि बेलीराम 29 मई की शाम करीब साढ़े छह बजे कसोल गांव के एक व्यक्ति के साथ स्कूटर पर ड्यूटी के लिए हरनोड़ा गया था। इस दौरान उन्होंने एक ठेके से शराब भी खरीदी थी। रात करीब साढ़े दस बजे बेलीराम ने अपने मामा ससुर से फोन पर बात की थी। उस समय पहले से वहां मौजूद कसोल के व्यक्ति के साथ देवला छांब का एक व्यक्ति भी उसके साथ था।
परिजनों के अनुसार 29 मई को रात करीब दो बजे सूचना मिली कि बेलीराम हरनोड़ा-कसोल सड़क पर कोलडैम प्रोजेक्ट के व्यू प्वाइंट के पास मृत अवस्था में पड़ा है। चम्यौण के एक व्यक्ति की सूचना पर जब परिवार के सदस्य व ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो वहां केवल स्कूटर ही था। पता चला कि बेलीराम को चम्यौण का ही एक अन्य व्यक्ति अपनी कार में एनटीपीसी के जमथल अस्पताल ले गया था। जिला अस्पताल ले जाते समय बेलीराम के शरीर से खून बह रहा था। यदि उक्त व्यक्ति ने बेलीराम को उठाकर कार में डाला था तो उसके कपड़ों पर मिट्टी व खून के निशान क्यों नहीं पाए गए। उन्हें आशंका है कि बेलीराम की हत्या की गई थी। उन्होंने जांच कराने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में हिलोपा के जिला अध्यक्ष एडवोकेट दौलतराम शर्मा, हरनोड़ा पंचायत उपप्रधान रमेश चंद, पूर्व उपप्रधान जोगेंद्र सिंह ठाकुर तथा विमला, सावित्री, निर्मला, रीना, सुनीता, भंडारू राम, कुलदीप, रणजीत ठाकुर, बाबूराम, बेसरिया राम, मनोज व नंदलाल समेत कई लोग शामिल थे।

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