
नूरपुर (कांगड़ा)। प्रदेश में लगातार हो रही बरसात का असर अब घरेलू मंडियों में आने वाली सब्जियों पर भी दिखने लगा है। बारिश के चलते मंडियों में सब्जियों की आवक में कमी आने से सब्जियों के दाम आसमान छूने लगे हैं। खाने का जायका बनाने में इस्तेमाल होने वाले टमाटर पर बरसात की सबसे ज्यादा मार पड़ी है। एक सप्ताह पहले 25 से 30 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिकने वाले टमाटर का भाव मौजूदा समय में 60 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है।
खपत के हिसाब से लोकल टमाटर की आवक काफी कम होने से भी इसके दाम चढ़ने शुरू हो गए हैं। यही हाल सब्जियों का भी बना हुआ है। डिमांड के मुताबिक सब्जियों की आपूर्ति न होने से बीते एक सप्ताह में ही सब्जियों के दाम दोगुने हो गए हैं। बीते दिनों 15 से 20 रुपये किलो बिकने वाली लॉकी, घिया, खीरा का भाव भी 30 से 40 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है। इसी तरह अरबी के दाम 40 से 60 रुपये, मटर 60 से 80 रुपये , गोभी 30 से 40 रुपये के अलावा आलू व प्याज के दाम भी 16 से 26 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। सब्जियों की कीमतों में आए इस उछाल ने गृहिणियों की परेशानी भी बढ़ा दी है।
आढ़तियों की मानें तो पंजाब में पैदा होने वाली टमाटर की फसल को मार्केट में पहुंचने को अभी डेढ़ से दो माह का समय लग सकता है। पंजाब की मंडियों में भी फिलहाल हिमाचल के बिलासपुर, कुल्लू और हरियाणा से टमाटर की सप्लाई हो रही है। अगर इसी तरह टमाटर की शार्टेज रही तो आने वाले दिनों में टमाटर के दाम और बढ़ सकते हैं। हालांकि, चार दिन पहले लोकल मार्केट में टमाटर 80 रुपये प्रति किलो तक भी बिका है। गृहिणियों मेें बृजबाला, आशा रानी, ज्योति, मंजू शर्मा, पिंकी गुप्ता इत्यादि ने बताया कि सब्जियों के दाम में बढ़ोतरी से रसोई का बजट बिगड़ गया है।
