
सोलन। समय दोपहर 2:30 । मालरोड लाइब्रेरी के सामने दुकान में मसाले, दालें और कई खाद्य पदार्थ पॉलीथिन में पैक। अधिकारी सवाल करता है- क्यों भाई पॉलीथिन पर प्रतिबंध नहीं है। दुकानदार कहता है – साहब बरसात का मौसम है सामान खराब हो जाता है। समय 2:37- मुरारी मार्केट में सब्जी वाले के पास टमाटर किस तरह दिए? जवाब मिलता है 70 रुपये किलो। रेट लिस्ट दिखाने पर जवाब मिलता है साहब! रोज ही रेट बदलते हैं क्या लिस्ट लगाएं? 2.50 पुराने बस अड्डे के पास चने, मूंगफली, मक्की की पैकिंग दुकान के सामने रखी हुई। पॉलीथिन में पैक सामान को देखकर दोबारा इस्तेमाल न किए जाने की हिदायत दी जाती है। इसी तरह करीब 100 से अधिक दुकानों पर पॉलीथिन और रेट लिस्टों की जांच पड़ताल की जाती है।
कुछ इस तरह से शनिवार दोपहर बाद शहर में खाद्य आपूर्ति विभाग की टीम ने पॉलीथिन और रेट लिस्टों की जांच की। ‘अमर उजाला’ में छपी खबरों के बाद खाद्य आपूर्ति विभाग हरकत में आया। एसडीएम सोलन के निर्देश मिलने के बाद विभाग की टीम ने शहर के सब्जी विक्रेताओं व अन्य दुकानदारों के पास जाकर पॉलीथिन की चेकिंग की और प्रत्येक दुकानदार को पॉलीथिन इस्तेमाल न करने की सख्त हिदायत दी। उन्होंने कहा कि पहली बार दुकानदारों ने हिदायत देकर छोड़ दिया गया। यदि दोबारा पॉलीथिन का इस्तेमाल होता पाया गया तो कार्रवाई होगी। विभाग की टीम में जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक यादवेंद्र पाल, सह खाद्य आपूर्ति नियंत्रक जेआर शर्मा, फूड इंस्पेक्टर सीता राम और गिरीश चंद शामिल रहे।
