
नाहन (सिरमौर)। नगर परिषद के लिए बरसात चुनौती बन गई है। शहर भर में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। नप ने शहर के विभिन्न हिस्सों में तकरीबन 5-6 कूड़ा डंपर स्थापित किए हुए हैं। इनमें कूड़ा कम और पॉलीथिन बैग अधिक हैं। इससे वातावरण दूषित हो रहा है।
वानर सेना डंपरों में घुसकर पॉलीथिन बैगों को बाहर फेंक देती है। नतीजन कूड़ा-कचरा सड़कों और गलियों में बिखर रहा है। अब बरसात में सड़कों और गलियों में बिखरा पॉलीथिन नालियों में फंस रहा है। ऐसे में शहर की निकास नालियां अवरुद्ध हो रही है। गंदगी सड़क और गलियों में पसर रही है।
कुछ लोग कूड़ा डंपर में डालने की बजाय दांए बाएं देखने के बाद फटाक से खुले में ही फेंक रहे हैं। बंदर इस गंदगी को बिखेर देते हैं। ऐसे में गंदगी से दुर्गंध फैल जाती है। राहगीरों को रास्ते से गुजरना मुश्किल हो जाता है।
नगर परिषद नाहन के ईओ एसएस नेगी का कहना है कि सफाई कर्मचारी अपना काम नियमित कर रहे हैं। बरसात के सीजन में गंदगी आसपास बह कर चली जाती है। शहरवासियों से अनुरोध है कि वे कूड़ा पॉलीथिन में पैक कर डंपर में न डालें। पॉलीथिन को बंदरों बिखेर देते हैं। अगर कूड़ा मात्र डंपर में ही पड़ा होगा तो वह बारिश के पानी से बचा रहेगा। इससे गंदगी नहीं फैलेगी।
