
शिमला। पानी का एक साल का बिल एकमुश्त जमा करवाने पहुंचे सैकड़ों लोग शनिवार को निगम दफ्तर से मायूस लौटे। कई माह से बन रहा नगर निगम का सॉफ्टवेयर पहले ही दिन हांफ गया। सॉफ्टवेयर में तकनीकी दिक्कत के चलते कई उपभोक्ताओं को पानी के बिल में छूट नहीं मिल सकी। गुस्साए लोगों ने जब निगम अभियंता से मामले की शिकायत की तो अधिकारियों ने उक्त उपभोक्ताओं को भरपाई करने का आश्वासन देकर वापस लौटाया।
बिल जमा करवाने आए खलीनी के पीके शर्मा, एएन चौहान, बृज शर्मा, कल्याण ठाकुर, कनलोग के किशोर, अवनीश, मुकेश, प्रवीण, छोटा शिमला के सुमित, पीयूष और संजौली के मनोज ने बताया कि बिल जमा करवाने पहुंचे कई लोगों को दस प्रतिशत की छूट मिली लेकिन जब उनका नंबर आया तो सॉफ्टवेयर ने छूट नहीं दी। जब उन्होंने बिल जमा नहीं करने की बात कही तो काउंटर में बैठे कर्मी ने रसीद हाथ में थमा दी। लोगों ने कहा कि नगर निगम को पूरी तैयारी के साथ सॉफ्टवेयर को चालू करना चाहिए था।
…
चुकाने पड़ेंगे 25 रुपये
सीवरेज लाइन की कनेक्टिविटी से छूटे क्षेत्राें के लोगों का आंकड़ा एक माह बाद भी निगम कर्मी जुटा नहीं सके हैं। ऐसे में बिना सुविधा इन उपभोक्ताओं को 25 रुपये चुकाने होंगे। बीते माह नगर निगम सदन से सीवरेज कनेक्टिविटी से छूटे क्षेत्रों के लोगों की लिस्ट बनाने के आदेश दिए थे ताकि इन लोगों को बेवजह सीवरेज सेस न चुकाना पड़े। पानी के मासिक बिल का 15 प्रतिशत सीवरेज सेस होता है। राजधानी के दस हजार से अधिक घर अभी भी सीवरेज कनेक्टिविटी से महरूम हैं।
खलीनी के बिलों में आई दिक्कत
नगर निगम अभियंता विजय गुप्ता ने कहा कि वार्ड 24 खलीनी के बिल जमा करते समय सॉफ्टवेयर में कुछ दिक्कत आई थी। लोगों को इसकी भरपाई करने का आश्वासन दिया है। शेष शहर के बिल दस प्रतिशत छूट के साथ ही जमा हुए हैं। सीवरेज कनेक्टिविटी को लेकर उन्होंने बताया कि आंकड़े जुटाने में कर्मी काम कर रहे हैं। निगम आयुक्त के आदेशानुसार जल्द ही इस बाबत फैसला लिया जाएगा।
