
उत्तराखंड के राज्यपाल डा. अजीज कुरैशी ने कहा कि देश की एकता-अखंडता राजनीतिक दलों के बल पर नहीं सेना के वीर जवानों के बल पर सुरक्षित है।
देश के किसी भी भाग पर जब भी प्राकृतिक आपदा आई है सेना के जवानों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया है। उन्होंने कहा कि सेना और अर्द्ध सैनिक बलों ने प्रशासन के साथ मिलकर जो राहत कार्य किया है वह प्रशंसनीय है।
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शहीदों को श्रद्धांजलि के कार्यक्रम का आयोजन राजभवन में किया गया था। इस मौके पर राज्यपाल ने कहा कि हमारी सीमाओं पर जितनी बार आक्रमण हुए हैं जांबाज सेना के जवानों ने इतिहास रचा है। इस मौके पर आपदा में हताहत हुए तीर्थयात्रियों और बचाव कार्य में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम का संचालन सांसद तरुण विजय ने किया था। उन्होंने कहा कि संकट की घड़ी में सेना के जवान देवदूत बनकर बचाव कार्य करने के लिए आए। सांसद ने सेना के जवानों को वास्तविक नायक की संज्ञा दी और पुलिस, प्रशासन, स्थानीय नागरिकों और विभिन्न संगठन के प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का संदेश भी पढ़ा
इस मौके पर उन्होंने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का संदेश भी पढ़कर सुनाया। इस मौके पर एयर चीफ मार्शल एनएके ब्राउन, एयर कमोडोर राजेश, एडमिरल डीके जोशी, वाइस एडमिरल एसके झा, आर्मी चीफ जनरल विक्रम सिंह ने लिखित संदेशों के माध्यम से उत्तराखंड के नागरिकों को आश्वस्त किया कि संकट की घड़ी में वे उनके साथ हैं। इस मौके पर सचिव राज्यपाल अरुण ढौंढियाल, डीएम बीवीआरसी पुरुषोत्तम, एसएसपी केवल खुराना, डा. फारूक आदि मौजूद रहे।
