
चंपावत। तो क्या जिला अस्पताल की व्यवस्थाएं अब पटरी पर आ जाएंगी? अभी के हालात तो कम से कम इसी तरफ इशारा कर रहे हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लोहाघाट को पीपीपी मोड से चलाया जाएगा। इस स्वास्थ्य केंद्र का स्टाफ यदि जिला अस्पताल में शिफ्ट कर दिया जाता है तो जिले के पहाड़ी हिस्से की तकरीबन दो लाख की आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सेवा मिलने की उम्मीद है। इसके लिए विभाग ने तैयारियां भी शुरू कर दी हैं।
चंपावत जिला अस्पताल में मुख्य चिकित्साधीक्षक, विशेषज्ञ डाक्टर, पैरा मेडिकल स्टाफ समेत कुल 63 पद स्वीकृत हैं। इसके सापेक्ष अभी मात्र 13 की तैनाती हुई है। वर्तमान में यहां मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एचसी पाठक, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी और संविदा में कार्यरत निश्चेतक डा. एमएल अग्रवाल की तैनाती हुई है। वरिष्ठ स्त्री रोग विशेष डा. भागीरथी जोशी सीएचसी चंपावत में और डा. रजनी पंत एसीएमओ के रूप में सीएमओ कार्यालय में तैनात हैं, जबकि स्त्री रोग विशेषज्ञ के तीन पद, न्यूरो सर्जन, कार्डियोलोजिस्ट, डेंटल, फिजीशियन, बाल रोग, हड्डी रोग विशेषज्ञ, नेत्र सर्जन, ईएनटी, पैथोलोजिस्ट, रेडियोलोजिस्ट समेत तमाम महत्वपूर्ण विशेषज्ञ डाक्टरों के पद रिक्त चल रहे हैं।
उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. आरके जोशी का कहना है कि लोहाघाट स्वास्थ्य केंद्र में तैनात स्टाफ की पूरी जानकारी स्वास्थ्य महानिदेशालय को भेजी जा चुकी है। इस केंद्र को हैंडओवर करने को गंगाशील ट्रस्ट जैसे ही शासन को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, वहां के स्टाफ को जिला अस्पताल में शिफ्ट कर दिया जाएगा। लोहाघाट में वर्तमान में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, निश्चेतक, बाल रोग, हड्डी रोग, एलएमओ, डेंटल सर्जन जैसे महत्वपूर्ण विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात हैं। ऐसे में यदि यह स्टाफ जिला अस्पताल में शिफ्ट होता है तो निश्चित रूप से यहां की जनता को इसका लाभ मिल सकेगा।
