
काशीपुर। प्रदेश के एकमात्र आईआईएम को बिजली का गंभीर संकट सता रहा है। हालात यह हैं कि बैठकों में मुख्यमंत्री को अवगत कराने के बाद भी वे आईआईएम को बिजली संकट से राहत तक नहीं दिला पा रहे हैं। ऐसे में जनरेटर आईआईएम की बिजली समस्या को दूर कर रहा है।
प्रदेश में खुले पहले आईआईएम को कक्षाएं संचालित करने और छात्रों के रहने के लिए वैकल्पिक तौर पर भवन तो मिल गए हैं। लेकिन बिजली की समस्या अब तक बनी है। आईआईएम को ग्रामीण फीडर से बिजली सप्लाई होती है। लेकिन इस फीडर में प्रतिदिन 8 से अधिक घंटों की बिजली कटौती होती है। बिजली पूरी नहीं मिलने से आईआईएम का अधिकतर काम जनरेटर से चल रहा है। इससे भारी भरकम खर्चे का बोझ पड़ रहा है।
आईआईएम अधिकारियों के मुताबिक जनरेटर चलाने में प्रतिमाह 2500 लीटर डीजल खर्च हो जाता है। इस लिहाज से 52 रुपये प्रति लीटर डीजल के हिसाब से आईआईएम को 1 लाख 30 हजार रुपये की चपत प्रतिमाह लग रही है। इतना ही नहीं पहले से मौजूद 100 केवी के जनरेटरों के अलावा दो अन्य जनरेटर और भी मंगाए जा रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री के सामने भी समस्या को रखा गया था। लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई।
