
सोलन। सरकार की प्रतिबंधित पॉलीथिन को रोकने की कवायद हांफ रही है। निर्देशों के बावजूद संबंधित अधिकारी स्टाफ की कमी का हवाला देते हुए अपना पक्ष रख रहे हैं। पॉलीथिन की जांच करने के लिए जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक विभाग में निरीक्षक का पद रिक्त है। जिससे नियमों का उल्लंघन होना लाजमी है। आखिर विभागीय अधिकारी भी क्या करें? स्टाफ का भारी भरकम टोटा व्यवस्था पर पूरी तरह से हावी हो चुका है। प्रक्रिया को चलाना अधिकारियों के लिए गले की फांस बन चुका है। कार्य सुचारु ढंग से नहीं चल पा रहे हैं।
वहीं इस संदर्भ में जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक यादवेंद्र पाल के अनुसार विभाग में अधिकांश पद रिक्त चल रहे हैं। स्टाफ का अभाव होने के कारण कार्य सुचारु रूप से चलाना मुश्किल हो गया है। हालांकि पॉलीथिन चेकिंग के लिए कंडाघाट के निरीक्षक से बात की जा रही है। जल्द ही विभाग छापामारी करके पालीथिन सप्लायरों पर शिकंजा कसेगा। वहीं इस संबंध में एसडीएम टाशी संडूप ने कहा कि इस संबंध में खाद्य आपूर्ति विभाग को कार्रवाई के आदेश दिए हैं, लेकिन रूटीन की चेकिंग भी स्टाफ के अभाव में हांफ रही है। पॉलीथिन पर पाबंदी लगाने के लिए नए सिरे से अभियान छेड़ा जाएगा।
अधिकारी करते है क्लर्क का काम
कार्यालय में तैनात अधिकारी को क्लर्क तक के काम करने पड़ रहे हैं। अब व्यवस्था बाहर की देखें या अंदर की। उनके लिए बेहद मुसिबत है। कार्यालय में स्टाफ न के बराबर है। क्लर्क के नौ पदों में से मात्र दो पद भरे हैं। वो भी अनुबंध पर तैनात है। सोलन मुख्यालय में निरीक्षक का पद रिक्त है। इसके अतिरिक्त अधीक्षक, स्टेनों, लेखाकार के पद भी रिक्त हैं। खाद्य आपूर्ति नियंत्रक और फूड एंड सप्लाई अधिकारी के कंधे पर ही सारा दारोमदार है।
