
शिमला। मैदानी इलाकों में भारी बारिश होने से शहर में टमाटर के दाम बढ़ गए हैं। वीरवार को चालीस रुपये किलो बिकने वाला टमाटर शुक्रवार को पचास रुपये पहुंच गया। मैदानी इलाकों में टमाटर की कमी होने के चलते दूसरे राज्यों से आए कारोबारियों ने ढली सब्जी मंडी से अधिकांश सप्लाई उठा ली है। सब्जी मंडी में शुक्रवार सुबह 45 रुपये प्रति किलो की बोली पर टमाटर बिका। वीरवार को इसी मंडी में टमाटर का थोक रेट 33 रुपये था।
मैदानी इलाकों में किसानों की ओर से उगाई गई ज्यादातर सब्जियां बारिश होने के चलते खराब हो गई हैं। इसी कारण ढली मंडी में सब्जियों की आवक पहले की अपेक्षा 40 प्रतिशत तक कम हो गई है। सब्जी विक्रेता रमेश कुमार, पवन कुमार ने बताया कि सब्जी के भाव बढ़ने के कारण खरीदारों की भी कमी हो गई है। बरसात के चलते सब्जियों की आवक भी कम हो रही है। इस कारण मंडी से ही तेज भाव में सब्जी मिल रही है। मैदान इलाकों के कारोबारी ढली से थोक में सब्जियां खरीद कर ले जा रहे हैं।
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सौ रुपये किलो बिक रही हरी मिर्च
सब्जियों की बात की जाए तो पिछले एक हफ्ते में हरी मिर्च का रेट दोगुना हो गया है। दूसरी सब्जियों के रेटों में भी काफी बढ़ोतरी हुई है। हरी मिर्च का भाव 60 से बढ़कर 100 रुपये प्रति किलो हो गया है। इसके अलावा पालक तीस रुपये, फूल गोभी 40, भिंडी 30 रुपये प्रति किलो के हिसाब के बिक रही है। इन्हीं सब्जियों का बीते सप्ताह दाम पांच-पांच रुपये कम था।
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सब्जी छोड़ चटनी बनाना पड़ रही
सब्जियों के दाम बढ़ने के कारण महिलाएं भी अब सब्जियां बनाने में थोड़ी बहुत कंजूसी करने लगी हैं। संजौली निवासी सीमा चौहान, मंजू शर्मा, दीपिका शर्मा और किरण देवी ने बताया कि एक सप्ताह से सब्जियों के दाम बढ़ने के कारण उनका रसोई बजट बिगड़ गया है। पहले सुबह शाम सब्जी बनाई जाती थी। मगर सब्जी के दाम बढ़ने के कारण एक समय चटनी बनाने पर विचार करना पड़ता है।
