
भगेड़ (बिलासपुर)। श्रीनगर में दुश्मनों से लोहा लेते सुकड़ी निवासी शहीद सीताराम ने शहादत तो पाई, लेकिन उनके नाम पर हुई घोषणाएं एक दशक बीत जाने के बाद भी पूरी नहीं हुई। शहीद के परिजनों को अभी भी सरकार से इन घोषणाओं को पूरी होने की उम्मीद है। वर्ष 2002 में प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री वीरभद्र विपक्ष के नेता थे। जिन्होंने शहीद के नाम पर तमाम घोषणाएं की थी।
ग्राम पंचायत समोह के अंतर्गत गांव सुकड़ी निवासी शहीद सीताराम श्रीनगर में शहीद हुए थे। इस दौरान विपक्ष के नेता एवं वर्तमान मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह शहीद के परिजनों को ढांढस बधाने सुकड़ी गांव गए। उन्होंने शहीद के घर तक सड़क सुविधा मुहैया करवाने की घोषणा की थी। हैंडपंप तथा शहीद की प्रतिमा बनाने की भी घोषणा की। इन घोषणाओं की ओर कोई भी ध्यान नहीं दिया गया। घोषणाएं केवल घोषणाएं बनकर ही रहीं। वर्तमान में शहीद के घर तक वाहन पहुंचना तो साइकिल पहुंचाना भी मुश्किल हो गया है। यदि सरकार द्वारा इन घोषणाओं को पूरा कर दिया जाता है तो ग्रामीणों को भी इसका लाभ मिलेगा। शहीद सीताराम की माता सुनेहरू देवी, ग्रामीण श्यामलाल, बुद्धि राम, विशन दास, पवन कुमार, रमन कुमार, फूला देवी, कृष्णू राम, कौशल्य देवी, कृष्ण दयाल, पंकज, महंती, प्रेमी सहित अन्य ने सरकार से मांग की है कि शहीद के नाम की गई घोषणाओं को जल्द पूरा किया जाए।
इस बारे में लोक निर्माण विभाग घुमारवीं के अधिशासी अभियंता पीसी वर्मा ने कहा कि रिकार्ड देखें जाएंगे। अगर ऐसा होगा तो शहीद के परिजनों को सुविधा मुहैया करवाई जाएगी।
