
हरिद्वार। आपदा में मारे गए चारधाम यात्रियों के शवों के डीएनए टेस्ट के मिलान को लेकर गाइडलाइन जारी न होने से परिजन भटक रहे हैं। डीएनए सेे मिलान के लिए दावा कहां करें, अभी तक पुलिस और प्रशासन तय नहीं कर पाया है।
बुधवार को जिला अस्पताल में पहुंचे एक युवक का दावा था कि एक शव की तस्वीर उसे अपने भाई की लगी है। हालांकि शव का अंतिम संस्कार हो चुका है। ऐसे में अब केवल डीएनए की पहचान का विकल्प है। लेकिन, डीएनए कहां होगा, तय नहीं हैं। इसके लिए युवक को कोई रास्ता भी नहीं दिखा रहा है। जिला अस्पताल के डाक्टरों का कहना है कि उनके पास इसको लेकर कोई गाइडलाइन नहीं है। बिना पुलिस-प्रशासन की अनुमति के वह डीएनए सैंपल नहीं दे सकते। युवक ने बताया कि वह पुलिस थानों के चक्कर काट-काटकर यहां पहुंचा है। लेकिन, कोई सही जानकारी देने को तैयार नहीं। जिला अस्पताल के डाक्टरों ने युवक को जिलाधिकारी से जानकारी लेने की सलाह दी है।
लंबी प्रक्रिया, कार्रवाई धीमी
हरिद्वार। अकेले हरिद्वार में 29 शवों का डीएनए सुरक्षित रखा गया है। पूरे प्रदेश में करीब 100 शवों का डीएनए रखा गया है। लेकिन डीएनए जांच प्रक्रिया लंबी है। पहले सभी डीएनए का डाटा तैयार करना। उसके बाद दावे के अनुसार डीएनए मिलान करना, एक लंबा प्रोसेस है। लेकिन इसको लेकर कार्रवाई बेहद ही धीमी है। हाल यह है कि अभी तक डीएनए सैंपल अस्पतालों में ही पड़े हुए हैं। इन्हें लैब भेजने की प्रक्रिया तक शुरू नहीं हो पाई है।
यूपी से मांगा शवों का ब्योरा
हरिद्वार। हरिद्वार मेें गंगा में मिले अज्ञात शवों और यहां से आगे बहकर यूपी मेें मिल रहे शवों की पहचान के लिए जिला स्तर पर कोई कोआर्डिनेशन नहीं है।
हरिद्वार अपर जिलाधिकारी प्रशासन आनंद श्रीवास्तव ने बताया कि हरिद्वार में मिले शवों का पूरा डाटा रखा गया है। इनके डीएनए से लेकर फोटो और अन्य पहचान का डाटा तैयार किया गया है। यह पूरा डाटा देहरादून मुख्यालय को भेजा जा रहा है। उधर, राज्य सरकार ने कुछ दिन पूर्व उत्तर प्रदेश सरकार को एक चिट्ठी लिखी है जिसमें सरकार से अनुरोध किया गया था कि वह अपने राज्य की सीमा में बहकर आए आपदा के शिकार लोगों के शवों को निकालने और उसका ब्योरा भिजवाने की व्यवस्था करे। प्राप्त ब्योरे को यहां आपदा के लिए बनाए गए कंट्रोल रूम में दर्ज किया जा रहा है।
जितने भी शव में उनका डीएनए डाटा स्टोरेज किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति डीएनए जांच से तस्दीक कराना चाहता है तो उसका सैंपल लेकर मिलान किया जाएगा।
-जेएस भंडारी, एसपी सिटी हरिद्वार
