
बागेश्वर। बारिश के कारण जिले के कई गांवों में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। बुड़घुना गांव में मकानों और रास्तों को क्षति हुई है। झटक्वाली के ग्वाड़ गधेरे में के पास बसे परिवारों ने पुनर्वास की मांग की है। कांडा के नारायणगूंठ सिंचाई गूल ध्वस्त हो जाने से ग्रामीण परेशान हैं।
बहाली में बस्ती के आसपास भूस्खलन होने के बाद विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल के दौरे के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है। इधर बुड़घुना के प्रधान हरीश राम के अनुसार ग्राम पंचायत के जौलगांव में मोहन राम, किशन राम, ओड़ा में सुरेश पांडे, इड़ा में कुंदन सिंह, भवानी देवी और जानकी देवी के मकानों को भूस्खलन से खतरा बना हुआ है। इड़ा में उपजाऊ भूमि को भी क्षति हुई है। राजस्व उप निरीक्षक आनंद पुरी गोस्वामी ने गांव का निरीक्षण किया। झटक्वाली के ग्वाड़ गधेरा निवासी लछम राम का कहना है कि भूस्खलन के कारण पिछले दो सालों से उनके मकान को खतरा बना है। यहां अन्य लोगों का दूसरे स्थान पर पुनर्वास हो चुका है। लेकिन उनके परिवार को आज तक मकान बनाने के लिए भूमि नहीं मिली है। पूरा परिवार चंडिका के देवीधार में टैंट में रह रहा है। सर्वदलीय राज्य आंदोलनकारी परिषद के प्रदेश महामंत्री नित्यानंद पांडे ने जिलाधिकारी को भेजे ज्ञापन में कहा है कि बरसाती नाले के कारण नारायणगूंठ के समीप बनी नहर ध्वस्त हो गई है। इस नहर से पांच सौ नाली भूमि में सिंचाई होती है। ढोला गांव बस्ती में पेयजल योजना को भी क्षति हुई है।
