
नई टिहरी। आपदा से जिले में करीब 81 करोड़ का नुकसान हुआ है। कृषि भूमि और फसलों का नुकसान इससे अलग है। जिले के 51 संपर्क मार्ग अब भी यातायात के लिए नहीं खुले हैं। 61 पेयजल योजनाओं पर सप्लाई ठप है। ग्रामीण क्षेत्रों में आपदा से क्षतिग्रस्त रास्तों और खेती की मरम्मत कार्य ग्राम पंचायत मनरेगा के तहत होंगे।
जिले के सह प्रभारी मंत्री फुरकान अहमद ने पत्रकारों को यह जानकारी दी है। बताया कि आपदा से जिले में सात लोगाें की मौत हुई है। 14 लोग घायल हुए है। 160 आवासीय भवन पूर्ण और 920 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए है। केदारनाथ तबाही में जिले के 22 लोगों के गुमशुदा होने की रिपोर्ट दर्ज हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। गांवों में राहत सामग्री भेजी जा रही है। दो ट्रक राहत सामग्री लेकर वे खुद भिलंगना के बूढ़ाकेदार और घुत्तु क्षेत्र में जा रहे है।
इस मौके पर थौलधार के पूर्व ब्लॉक प्रमुख जोत सिंह बिष्ट ने प्रभावित काश्तकारों के कृषि ऋण वसूली पर रोक लगाने तथा ब्याज माफी की मांग की। पत्रकार वार्ता में जाखणीधार के प्रमुख जगदंबा प्रसाद रतूड़ी, लक्ष्मी भट्ट, याकूब सिद्दकी, कुशलानंद भट्ट, शांति प्रसाद भट्ट, राकेश राणा, मुरारीलाल खंडवाल भी उपस्थित थे।
