
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (आप) के नेता अरविन्द केजरीवाल ने अमेरिका की जासूसी करतूतों को उजागर करने वाले एजेंट एडवर्ड स्नोडेन को भारत में शरण देने से इंकार करने पर केन्द्र सरकार की आलोचना करते हुए इसे कायराना कदम बताया है। केजरीवाल ने कहा हमारे देश का संविधान में नागरिक आजादी का पक्षधर है और संविधान में आवाज उठाने वालों को संरक्षण देने के प्रति प्रतिबद्धता जताई गई है ऐसे में केन्द्र सरकार को अमरीका के सामने घुटने टेकने के बजाय स्नोडेन को राजनीतिक शरण देनी चाहिए।
गौरतलब है कि स्नोडेन ने राजनीतिक शरण के लिए भारत सहित 20 देशों से अनुरोध किया था लेकिन भारत सरकार ने उनके अनुरोध को खारिज कर दिया है। जासूसी और गोपनीय दस्तावेज लीक करने के आरोपों में वह अमेरिका में वांछित हैं। पिछले माह स्नोडेन द्वारा लीक किए गए दस्तावेजों से एनएसए द्वारा दुनियाभर में बडे पैमाने पर फोन काल्स की निगरानी किए जाने और इंटरनेट कम्युनिकेशन पर नजर रखे जाने का खुलासा हुआ है। लीक दस्तावेजों के अनुसार अमेरिका में भारतीय दूतावास ने ऐसे 38 राजनयिक मिशनों की सूची में है जिनकी अमेरिकी खुफिया एजेंसियों द्वारा जासूसी की जा रही है।
पिछले माह गोपनीय सूचनाओं से भरा लैपटाप लेकर हांगकांग निकल भागने से पूर्व स्नोडेन अमरीकी गुप्तचर एजेंसी एनएसए के लिए काम करते थे। केजरीवाल ने कहा कि अमरीका की जासूसी करतूतों के खिलाफ आवाज उठाने वाले व्यक्ति का सम्मान करने के बजाय हमारी सरकार अमरीकी दबाव में आकर स्नोडेन को शरण देने से इनकार कर रही है और यह गंभीर ङ्क्षचता का विषय है।
