
सुबाथू (सोलन)। छावनी क्षेत्र सुबाथू के कारोबारियों से वसूले जाने वाले टैक्स में बढ़ोतरी के फरमान के साथ ही जुर्माने की कवायद भी शुरू हो गई है। जून माह में फरमान जारी हुए और 01 जुलाई से दस रुपये प्रतिदिन जुर्माना वसूला जाना शुरू हो गया है। इस कार्रवाई से व्यापार मंडल भड़क गया है। भारी भरकम टैक्स बढ़ाने के बाद जुर्माने वसूलने की कवायद से कारोबारियों में खासा रोष है। मामले को कारोबारियों ने कोर्ट तक का दरवाजा खटखटाया डाला है।
नगर परिषद के करीब 250 कारोबारी इस जद में हैं। व्यापार मंडल का कहना है कि छावनी परिषद का दुकानदार पहले एक्टीविटज टैक्स में 2 रुपये देता सालाना कर देता था जो अब 275 रुपये देने होंगे। जो दुकानदार 55 रुपये प्रोफेशनल टैक्स देता था उसे अब बढ़ाई गई राशि के अनुसार 1100 रुपये देना होगा। अब प्रतिदिन जुर्माना भी वसूलना शुरू कर दिया है। सुबाथू व्यापार मंडल के प्रधान सुशील गर्ग ने कहा कि छावनी परिषद का इस तरह से टैक्स बढ़ाना निराधार है और एकदम जुर्माने की वसूली भी गलत है। वहीं इस संबंध में कारोबारी विजय कुमार, नरेश, आदर्श, दिनेश, अशोक, अजय और राकेश ने भी विरोध जताया है। वार्ड नंबर तीन के छावनी बोर्ड सदस्य अनिल गुप्ता का कहना है कि वर्ष 2006 में छावनी बोर्ड ने इस टैक्स के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा था। डीजी दिल्ली ने इस मामले पर फैसला बोर्ड पर छोड़ा था। वर्ष 2013 में आयोजित बैठक में यह व्यवस्था लागू की गई है। जिसमें वार्ड सदस्यों तक को गुमराह किया गया है। वार्ड नंबर 4 के प्रतिनिधि रवि शर्मा का कहना है कि बोर्ड में प्रोफेशनल टैक्स बढ़ाने के दौरान वार्ड सदस्यों को इसकी कोई जानकारी नहीं थी। वार्ड नंबर 6 के प्रतिनिधि अशोक शर्मा का कहना है कि टैक्स में बढ़ाई गई राशि पर बोर्ड की बैठक में दोबारा चर्चा होनी चाहिए। वहीं इस संबंध में सीईओ विकास कुमार ने कहा कि उन्होंने हाल ही में ज्वाइन किया है। बोर्ड की बैठक के बाद ही कुछ बता सकते हैं।
