
शिमला। हिल्सक्वीन में सैलानियों से हो रही लूट खसोट रोकने के लिए पर्यटन विभाग टूरिस्ट फीड बैक योजना शुरू करने जा रहा है। सैलानियों के साथ हो रही ठगी को लेकर मीडिया में प्रकाशित खबरों में पर्यटन विभाग ने संज्ञान लिया है। योजना के तहत विभाग सैलानियों से फीड बैक फार्म के जरिये शिकायतें व सुझाव मांगेगा।
होटल कारोबारी अब सैलानियों पर जबरन पैकेज नहीं थोप पाएंगे। यदि किसी तरह का दबाव बनाया जाता है तो सैलानी इसकी शिकायत टूरिस्ट फीड बैक फार्म के जरिये पर्यटन विभाग को कर सकेंगे। शहर के सभी होटल संचालकों के लिए उनके होटलों में ठहरने वाले सैलानियों से यह फार्म भरवाना अनिवार्य होगा। फार्म में सैलानियों का मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी की भी जानकारी देनी होगी। फीड बैक फार्म से प्राप्त जानकारी के आधार पर पर्यटन विभाग कार्रवाई करेगा। इतना ही नहीं, फार्म में दिए गए मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी के जरिये सैलानियों से संपर्क किया जाएगा और शिकायत के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
अगले सीजन में लागू होगी योजना : जस्टा
अगले सीजन तक टूरिस्ट फीड बैक योजना लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। सैलानियों से फार्म भरवा कर शिमला में स्टे के दौरान उनका अनुभव जाना जाएगा। इसके अलावा शिकायत व सुझाव भी पूछे जाएंगे।
ऑनलाइन भी की जा सकेंगी शिकायतें
सैलानी पर्यटन विभाग को अपनी शिकायतें ऑनलाइन भी भेज सकेंगे। सभी होटलों में पर्यटन विभाग की ई-मेल आईडी और पर्यटक सूचना केंद्रों के नंबर डिसप्ले किए जाएंगे ताकि सैलानी जब चाहे विभाग को अपनी शिकायत भेज सकें।
