
बागेश्वर। जिले में ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों का टोटा है। हालत यह है कि यहां एक ग्राम विकास अधिकारी के पास पांच से 22 ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी है। रिक्त पदों के चलते विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
जिले में कुल 397 ग्राम पंचायतें और 35 न्याय पंचायतें हैं। जिसमें से बागेश्वर ब्लाक में 181, कपकोट में 115 और गरुड़ ब्लाक में 101 ग्राम पंचायतें हैं। यहां कुल स्वीकृत पद 69 हैं। इनमें से 16 पर तैनाती है जबकि 53 पद रिक्त हैं। हालत यह है कि एक ही ग्राम विकास अधिकारी के पास पांच से 22 ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी है। वीडीओ की भारी कमी के चलते पंचायतों में जहां विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं वहीं लोग परिवार रजिस्टर की नकल, जन्म-मृत्यु पंजीयन की रसीद और अन्य प्रमाण पत्र के लिए भटक रहे हैं। पंचायतों की निर्धारित समय पर होने वाली खुली बैठकें भी नहीं हो पा रही हैं। इसके अलावा ग्रामीणों को विकास संबंधी योजनाओं की जानकारी भी समय पर नहीं मिल पा रही है। 73वें संशोधन में प्रावधान था कि तीन ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी एक ग्राम विकास अधिकारी पर होगी लेकिन इसका पालन आज तक नहीं हो सका है। इधर जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जिले में ग्राम पंचायत अधिकारी की नियुक्तियां हो गई थीं लेकिन फिलहाल मामला न्यायालय के विचाराधीन है।
