
आपदा प्रभावितों के परिजनों की मदद के लिए विभिन्न मोबाइल कंपनियों ने लोकेशन ट्रैकर सेवा शुरू की थी। बीएसएनएल, आइडिया, एयरटेल की इस सेवा के जरिए वह एक खास मोबाइल नंबर डायल कर पता लगा सकते थे कि उनके परिजनों ने उन्हें अंतिम काल कहां से की थी।
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क्या लोगों ने लोकेशन के माध्यम से अपनों का पता पा लिया है, या फिर उनकी कोई खबर न पा खुद को सब्र बंधा लिया है। सवाल का जवाब मुश्किल है। लेकिन हेल्प लाइन में आ रहे काल्स की संख्या पर गौर करें तो अब लोकेशन जानने वालों की संख्या कम होती जा रही है। पहले के मुकाबले तकरीबन 40 प्रतिशत का फर्क पड़ा है।
बीएसएनएल ने 24 जून को आपदा प्रभावितों के परिजनों के लिए यह सेवा चालू की थी। अब तक साढ़े तीन हजार के आस-पास लोगों ने इसका फायदा उठाया है। अब धीरे-धीरे हेल्प लाइन पर काल्स आने कम हो गए हैं।
-अनिल वर्मा, जीएम (मोबाइल), बीएसएनएल
एयरटेल ने आपदा प्रभावितों की मदद के लिए तकरीबन सप्ताह भर पहले यह सुविधा शुरू की थी। तकरीबन 2600 लोग इसका लाभ उठा चुके हैं, लेकिन अब अपनों की लोकेशन जानने वालों की कम काल आ रही हैं।
