चेक बाउंस के दोषी को छह माह की कैद

मंडी। चेक बाउंस के आरोपी को अदालत ने दोषी करार देते हुए 6 महीने के साधारण कारावास और 70,000 रुपए हर्जाने की सजा सुनाई है। विशेष न्यायिक दंडाधिकारी रघुवीर सिंह के न्यायालय ने सदर उपमंडल के गुटकर स्थित मैसर्ज डीके मोटर्स की शिकायत पर चलाए गए अभियोग के साबित होने पर निगोशिएबल इंस्टूमेंट एक्ट की धारा 138 के तहत कांगड़ा के कछियारी चौक पर स्थित मैसर्ज सिधेश्वर इंटरप्राइजेज के अक्षय पुरी को उक्त सजा का फैसला सुनाया। अधिवक्ता नील पाठक के माध्यम से अदालत में दायर शिकायत के अनुसार शिकायतकर्ता प्रशांत वैद्य पुत्र वाईपी वैद्य डीके मोटर्स के मालिक हैं और हीरो हांडा मोटर साइकिल के डीलर होने के कारण विक्रय और रिपेयर का व्यवसाय करते हैं। जबकि दोषी अक्षय पुरी मैसर्ज सिधेश्वर इंटरप्राइजेज के मालिक हैं और वह हीरो हांडा के सब डीलर हैं। मार्च 2010 में आरोपी अक्षय पुरी ने डीके मोटर्स से स्कूटर और मोटरसाइकिल खरीदा। जिनकी कीमत के रूप में उन्होंने शिकायतकर्ता को एक चेक जारी किया। शिकायतकर्ता ने इस चेक को भुगतान के लिए अपने बैंक में लगाया तो आरोपी के खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण यह बाउंस हो गया। ऐसे में शिकायतकर्ता ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से आरोपी को कानूनी नोटिस भेजा था, लेकिन आरोपी ने पैसे लौटाने की बजाय नोटिस का जवाब देते हुए कहा कि उनकी शिकायतकर्ता के प्रति कोई देनदारी नहीं बनती है। ऐसे में शिकायतकर्ता ने अदालत में शिकायत दर्ज करवाई थी। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि शिकायतकर्ता की ओर से इस मामले में पर्याप्त साक्ष्य पेश किए गए हैं। जिससे आरोपी पर अभियोग साबित हुआ है। ऐसे में अदालत ने दोषी को उक्त कारावास और चेक की राशि को बतौर हर्जाना अदा करने का फैसला सुनाया।

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