
शिमला। अफसरशाही ने एक बार फिर नगर निगम की किरकिरी करवा दी। सोमवार को ऑकलैंड टनल के ऊपर बनी बीस दुकानों की नीलामी रखी थी, लेकिन अफसरों ने नीलामी से पूर्व एकाएक लीज मनी पर बोली लगाने की नई शर्त लगाकर आवेदकों को चौंका दिया। इसको लेकर करीब डेढ़ घंटे तक अफसरों के साथ लोगों की नोकझोंक भी हुई। आवेदकों ने निगम प्रशासन पर धोखाधड़ी का आरोप तक लगाया। इसी नोकझोंक के बीच निगम प्रशासन ने आनन फानन में दुकानों की नीलामी प्रक्रिया को ही रद कर दिया। अब नए सिरे से नीलामी के लिए विज्ञापन दिया जाएगा।
दुकानों की नीलामी में भाग लेने आए जितेंद्र भारद्वाज, अंशुमन शर्मा, नितिन भलैक, अनुज प्रसाद, अमित और संतोष कुमार ने बताया कि ब्राउशर में निगम प्रशासन ने लीज मनी पर बोली लगाने का जिक्र नहीं किया था। बोली से पहले एकाएक इस शर्त को जोड़ा गया। किराया और लीज मनी दोनों एक साथ नहीं लिए जा सकते हैं। नगर निगम सरासर लोगों से धोखाधड़ी कर रहा है। आवेदकों ने नीलामी को रद करने का विरोध करते हुए जमा करवाई गई एक लाख की राशि को ब्याज सहित लौटाने की मांग की है।
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कंगाल एमसी का खजाने भरने की कोशिश
पूर्व पार्षद जितेंद्र चौधरी और प्रदीप कश्यप ने दुकानों की नीलामी रद करने पर निगम प्रशासन को कोसा है। दोनों पूर्व पार्षदों ने कहा कि आर्थिक तौर पर कंगाल हो रहे एमसी अफसर सही फैसले नहीं ले रहे हैं। कंगाल खजाने को भरने के लिए लोगों से जैसे तैसे पैसा एेंठने का प्रयास किया जा रहा है।
ढाई घंटे कराया इंतजार
नगर निगम प्रशासन ने सोमवार को दुकानों की नीलामी के लिए सुबह 11:00 बजे आवेदकों को बुला लिया। इसी समय यूरोपियन यूनियन के प्रोजेक्ट के तहत भरे जाने वाले दस पदों के लिए साक्षात्कार भी रख लिए। दुकानों की नीलामी के लिए जब लोग पहुंचे तो उन्हें 12:00 बजे आने के लिए कहा। 12:00 बजे लोग आए तो 1:00 बजे बुलाया। फिर 1:00 बजे पहुंचे तो उन्हें 1:30 बजे बुलाया गया।
रिफंड होगी एक लाख की राशि
नगर निगम के सहायक आयुक्त नरेश ठाकुर ने बताया कि करीब दस दुकानों के लिए केवल एक-एक आवेदन प्राप्त हुए। इसके अलावा लीज राशि को लेकर लोगों ने विरोध जताया है, जिसके चलते दुकानों की नीलामी प्रक्रिया को रद कर दिया गया है। अब नए सिरे से नीलामी के लिए विज्ञापन निकाला जाएगा। पूर्व में आवेदन करने वाले सभी लोगों को एक लाख की सिक्योरिटी राशि वापस कर दी जाएगी।
ब्राउशर के पांच सौ रुपये भी डूबे
दुकानों की नीलामी के लिए आवेदकों को पांच-पांच सौ रुपये के ब्राउशर बेचे गए थे। दो दफा ब्राउशर बेचने की तारीख भी बढ़ाई गई। तिथि बढ़ाते समय अफसरों ने तर्क दिया था कि कम लोगों ने ब्राउशर खरीदे हैं। लेकिन अब नीलामी रद होने के चलते बीते दिनों बिके करीब 100 से अधिक ब्राउशर खरीदने वाले लोगों को यह राशि वापस नहीं की जाएगी। अगर दोबारा बोली में भाग लेना है तो फिर पांच सौ रुपये खर्च करने होंगे।
