
रामपुर बुशहर। किन्नौर जिले की रारंग पंचायत में भूस्खलन से चार गांवों के अस्तित्व पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। भूस्खलन से कई घरों को नुकसान पहुंच चुका है। ग्रामीणों ने सरकार से उन्हें सुरक्षित जगह बसानेे की गुहार लगाई है। किन्नौर जिले में 16 और 17 जून को हुई भारी बारिश से कई गांवों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। रारंग पंचायत के रारंग, खादरा, ठोपन और आकपा गांव भी भूस्खलन की चपेट में हैं। जमीन में जगह-जगह दरारें आने से भूस्खलन का खतरा बरकरार है, जिससे गांवों के अस्तित्व को संकट पैदा हो गया है। इधर, पंचायत के पूर्व प्रधान रविंद्र सिंह नेगी ने रामपुर में बताया कि इन गांवों के हालत ऐसे हो चुके हैं कि ये अब रहने योग्य नहीं रह गए हैं। अब तक यहां कई घरों को नुकसान हो चुका है। इसलिए उन्होंने सरकार से मांग की है कि इन गांवों को असुरक्षित घोषित किया जाए और लोगों को कहीं अन्यत्र बसाया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार पांच-पांच बिस्वा जमीन के साथ ही घर बनाने के लिए लकड़ी और उचित सहायता राशि भी दे। इसी तरह शिवचंद, छेरिंग टाशी, चंद्रभगत, हरीश चंद, टाशी राम, बहादुर सिंह, गुमान नेगी आदि ने भी सरकार से गांवों को असुरक्षित घोषित करने की मांग की है। कहा कि अगर ऐसा कदम समय पर नहीं उठाया गया तो अचानक भारी बारिश होने पर बड़ा हादसा हो सकता है। क्षेत्रीय विधायक एवं विधानसभा उपाध्यक्ष जगत सिंह नेगी ने कहा कि बारिश ने गांवों को बुरी तरह क्षति पहुंचाई है। उन्होंने कहा कि उन्होंने स्वयं मौके का दौरा किया है और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि लोगों को अन्यत्र सुरक्षित जगह बसाने के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। यह मामला सरकार से भी उठाया गया है।
