नेशनल हाइवे पर बनेंगे दो दर्जन पुल

बिलासपुर। शिमला-हमीरपुर नेशनल हाइवे-103 पर भार क्षमता बढ़ाने के लिए जल्द ही दो दर्जन पुलों का निर्माण कराया जाएगा। नेशनल हाइवे पर जिन पुलों की चौड़ाई सड़क की तुलना में कम है, उनका विस्तारीकरण करने के बजाय उनके स्थान पर भी नए पुल बनेंगे। इससे दशकों पूर्व बने तंग पुलों की वजह से अक्सर लगने वाले ट्रैफिक जाम से निजात मिल सकेगी।
नेशनल हाइवे अथारिटी ने एनएच-103 पर पुलों की क्षमता बढ़ाने के साथ ही कम चौड़ाई वाले पुलों के स्थान पर भी नए पुलों का निर्माण करने के लिए आठ सौ करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके लिए करीब दो दर्जन पुलों का चुनाव किया गया है, जिनको तोड़कर बनाया जाएगा। अभी तक नेशनल हाइवे पर जो पुल हैं, उनकी भार क्षमता औसतन 40 टन ही है। इसके अलावा कई पुलों की चौड़ाई सड़क की तुलना में कम है। इसके चलते नेशनल हाइवे अथारिटी आफ इंडिया को इन पुलों की क्षमता व चौड़ाई बढ़ाने के लिए प्रोपोजल भेजा गया है। यदि अथॉरिटी के इस प्रोपोजल को स्वीकृति मिल जाती है तो शिमला-हमीरपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जल्द नए पुलों का निर्माण कार्य शुरू होगा।

अथॉरिटी को भेजा प्रोपोजल : एसडीओ
नेशनल हाइवे अथॉरिटी सब डिवीजन जुखाला के सहायक अभियंता आरएल मैहला का कहना है कि नेशनल हाइवे पर नए पुलों के निर्माण के लिए अथॉरिटी को आठ सौ करोड़ रुपये का प्रपोजल तैयार कर स्वीकृति को भेजा गया है। उन्होंने कहा कि प्रपोजल के तहत 40 टन की भार क्षमता वाले पुलों की भार क्षमता बढ़ाने के लिए अब नए पुलों का निर्माण 70 टन भार क्षमता के अनुसार किया जाएगा।

लाखों की आबादी को मिलेगा लाभ
यदि इस प्रपोजल को स्वीकृति मिलती है तो लाखों की आबादी को इसका लाभ मिलेगा। प्रपोजल के तहत जो पुल कम चौड़ाई के हैं, उन्हें भी नए सिरे बनाया जाएगा। इससे न तो इन पुलों पर जाम लगेगा और न ही वाहन चालकों को परेशानी झेलनी पड़ेगी। पुराने तंग पुलों में दधोल, मझासु, गलासी व किरड़ खड्ड आदि पुल शामिल हैं।

सिविल कंस्ट्रक्शन के लिए 650 करोड़
नाबार्ड को भेजे प्रोपोजल के अनुसार एनएच अथारिटी ने आठ सौ करोड़ रुपये की मांग की है। इसमें से 650 करोड़ रुपये सिविल कंस्ट्रक्शन तथा 150 करोड़ रुपये भूमि अधिग्रहण पर खर्च किए जाएंगे।

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