
डंसा (शिमला)। सेब सीजन सिर पर है और ग्रामीण क्षेत्रों से गुजरने वाली करीब आधा दर्जन से अधिक सड़कों की हालत खस्ता बनी हुई है। ऐसे में बागवानों को अभी से सेब ढुलाई की चिंता सताने लगी है। अगर लोक निर्माण विभाग ने सड़कों की हालत नहीं सुधारी तो बागवानों को खासा नुकसान उठाना पड़ सकता है। इन खस्ताहाल सड़कों पर जाने के लिए ट्रक मालिक भी आसानी से राजी नहीं होते हैं। रामपुर मंडल में जिन सड़कों की हालत खस्ता है, उनमें सुंडा-सनेई, देवठी-दारनघाटी, डंडोल-मुनिश, बरकल-थला, डंसा-पनोली और मशनू-दारनघाटी आदि शामिल हैं। नोग वैली के प्रगतिशील बागवान पवन हुडन, छतर सिंह, लायक राम, दिनेश कायथ, बारहबीस के जय सिंह, चतर सिंह खाची, हिम्मत सिंह मसोई, चरण दास, आगर दास, यशपाल, किशोरी लाल, गोविंद कायथ आदि ने बताया कि लोक निर्माण विभाग की लापरवाही के चलते हर साल उन्हें सेब सीजन में भारी परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि सड़कों की हालत ठीक न होने से सेब की ढुलाई प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि सड़कों की हालत सुधारना आवश्यक है, लेकिन लोक निर्माण विभाग ने अभी तक पहल तक शुरू नहीं की है। इधर, जिला परिषद सदस्य पदमा कुमारी, कूहल पंचायत प्रधान दमयंती बिष्ट, डंसा पंचायत प्रधान सीमा जोशी, मुनिश पंचायत प्रधान बसंत राम ने भी सड़कों की हालत पर चिंता जताई है और लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि इनकी हालत को सुधारने का कार्य प्राथमिकता से किया जाए।
लोनिवि के अधिशासी अभियंता केके कौशल का कहना है कि रामपुर डिवीजन में जिन सड़कों की हालत खराब है, उनकी मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर करवाई जा रही है, जिससे की सेब सीजन में बागवानों को किसी तरह की दिक्कतें पेश नहीं आए
