
धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश ग्रामीण बैंक कर्मचारी मांगें पूरी न होने पर अब 1 जुलाई से बैंक प्रबंधन के खिलाफ आंदोलन शुरू करेंगे। हिमाचल प्रदेश बैंक अधिकारी संघ के प्रदेश महासचिव केएस डढवाल ने कहा कि संदेश वाहकों के रिक्त पदों को भरने, मनमाने ढंग से बंद की गई स्नातक लिपिकों की 2 अग्रिम वेतन वृद्धियों को बहाल करने, ग्रामीण बैंक कर्मियों को पेट्रोल का खर्चा 2006 की कीमतों की बजाए 2013 की कीमतों के आधार पर देने, सभी वर्गों की पदोन्नति प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने, सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन का भुगतान अपने बैंक की शाखाओं में करने व बैंक प्रबंधन द्वारा किए जाने वाले अतिरिक्त खर्चों पर रोक के बारे में कई बार मांग की जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि अब निर्णय लिया गया है कि 30 जून तक उनकी मांगों को नहीं माना गया, तो वह बैंक प्रबंधन के खिलाफ कर्मचारी आंदोलन शुरू कर देंगे। संघ के महासचिव केएस डढवाल व वरिष्ठ उपप्रधान शशि पाल राणा ने कहा कि इस कड़ी में 1 जुलाई से बैंक के सभी कर्मी व अधिकारी काले बिल्ले लगाकर रोष प्रदर्शन करेंगे। 15 जुलाई को बैंक के मुख्यालय मंडी में धरना होगा। 19 अगस्त को मंडी में ही रैली करके बैंक प्रबंधन के पुतले जलाए जाएंगे। इसके बावजूद भी उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो 2 सितंबर से अनशन व 27 सितंबर को एक दिन की सांकेतिक हड़ताल की जाएगी। इसके बाद मांगें न माने जाने की सूरत में बैंकों में तालाबंदी की जाएगी।
